वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा की अध्यक्षता में प्राधिकरण सभागार में प्लॉटिंगकर्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सचिव डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा, अपर सचिव डॉ. गुडाकेश शर्मा, नगर नियोजक प्रभात कुमार, सहायक नगर नियोजक सौरभ जोशी तथा पाँचों जोनों के जोनल अधिकारी एवं अवर अभियंता उपस्थित रहे।
बैठक में उपाध्यक्ष द्वारा सभी प्लॉटिंगकर्ताओं को अवगत कराया गया कि किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग के पूर्व यह सुनिश्चित कर लें कि प्रस्तावित लेआउट 09 मीटर सड़क पर ही नियोजित हो तथा संबंधित भूमि का भू-उपयोग आवासीय ही हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 3000 वर्ग मीटर (1.5 बीघा) से अधिक क्षेत्रफल वाली किसी भी प्लॉटिंग में पार्क का प्रावधान अनिवार्य है।
बैठक के दौरान पाँचों जोनों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों की अवैध प्लॉटिंग की सूची प्रस्तुत की गई, जिसमें जोन-1 से 26, जोन-2 से 17, जोन-3 से 12, जोन-4 से 28 तथा जोन-5 से 17 अवैध प्लॉटिंग के प्रकरण शामिल थे। उपाध्यक्ष महोदय द्वारा इन प्रकरणों पर उपस्थित प्लॉटिंगकर्ताओं से वार्ता की गई। प्लॉटिंगकर्ताओं ने आश्वासन दिया कि वे अपनी अवैध प्लॉटिंग को वैध कराने हेतु लेआउट स्वीकृति हेतु आवेदन प्राधिकरण में प्रस्तुत करेंगे।
कुछ प्लॉटिंगकर्ताओं द्वारा यह बताया गया कि उनकी भूमि का लैंडयूज कृषि या व्यवसायिक दर्ज है, जिसके संबंध में उपाध्यक्ष महोदय ने उन्हें लैंडयूज परिवर्तन हेतु आवेदन करने का सुझाव दिया, ताकि नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जा सके।
उपाध्यक्ष l ने सभी प्लॉटिंगकर्ताओं से विस्तृत संवाद करते हुए उनकी समस्याएँ सुनीं तथा उचित सुझाव प्रदान किए। साथ ही सभी जोनल अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर अवैध प्लॉटिंगों की जाँच करें तथा दो दिवस के भीतर अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
प्राधिकरण द्वारा सभी प्लॉटिंगकर्ताओं को यह भी निर्देशित किया गया कि बिना लेआउट स्वीकृत कराए प्लॉटिंग न करें, तथा जिनके द्वारा पूर्व में प्लॉटिंग की जा चुकी है, वे शीघ्र लेआउट स्वीकृत कराकर ही भूखण्डों का विक्रय करें। ऐसा न करने पर प्राधिकरण द्वारा कठोर कार्यवाही की जाएगी।