वाराणसी। काशी तमिल संगमम 4.0 के अंतर्गत गाड़ी संख्या 06007 से बनारस रेलवे स्टेशन पहुंचे तमिलनाडु से आए अतिथियों का चौथा दल जिसमें किसान शामिल है। भारतीय जनता पार्टी महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि के नेतृत्व में भव्य एवं ऐतिहासिक स्वागत किया गया। स्वागत कार्यक्रम में पूरे स्टेशन परिसर में उत्साह, उल्लास और सांस्कृतिक समरसता का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। अतिथियों का स्वागत ढोल-नगाड़ों, शंखनाद, पुष्पवर्षा, तिलक-माला से किया गया। ‘हर हर महादेव’ और ‘तमिल-काशी एकता अमर रहे’ भारत माता की जय, वंदे मातरम, भारतीय जनता पार्टी जिंदाबाद, मोदी मोदी, वडक्कम काशी, जयघोष से पूरा स्टेशन परिसर गूंज उठा। इस मौके पर महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ संकल्प को काशी तमिल संगमम साकार कर रहा है, और यह आयोजन दोनों संस्कृतियों को दिल से जोड़ने का कार्य कर रहा है।
काशी तमिल संगमम भारत की सांस्कृतिक एकता का जीवंत उदाहरण है, जो उत्तर और दक्षिण भारत को आध्यात्मिक रूप से जोड़ता है। काशी अतिथियों के स्वागत में सदैव अग्रणी रही है, और यह आयोजन वैश्विक सांस्कृतिक संवाद को नई दिशा देता है। यह कार्यक्रम केवल पर्यटन नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रबोध का महासंगम है। इस बार का थीम करकलम काशी (तमिल सीखो) है। अतिथियों ने काशी में हुए भव्य स्वागत पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यहां उन्हें अपने घर जैसा आत्मीय अनुभव प्राप्त हुआ है। आगामी दिनों में यह प्रतिनिधिमंडल काशी के प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण करेगा।
स्वागत करने वालों में प्रमुख रूप से महापौर अशोक तिवारी चंद्रशेखर उपाध्याय, हरि केसरी, अजय गुप्ता, मधुप सिंह, योगेश वर्मा, शैलेंद्र सिंह, आत्मा विश्वेश्वर, प्रमील पाण्डेय, पंकज चतुर्वेदी, कुंवर कांत सिंह, राजेन्द्र सिंह पटेल, रजत जायसवाल, पुन्नू लाल बिंद आदि रहे। रेलवे एवं पुलिस-प्रशासन के अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।