काशी–तमिल संगमम् 4.0 के अंतर्गत तमिलनाडु से आए शिक्षकों का दल प्रयागराज पहुंचा। प्रयागराज पहुंचने पर शिक्षकों के दल का भव्य स्वागत किया गया। स्वागत समारोह में पूर्व सांसद प्रवीण कुमार पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ स्वागत करने वालों में योगेंद्र पांडेय (एडीएम सिटी), अशोक सैनी (एसडीएम), गजेंद्र सिंह (एसडीएम), अरविंद कुमार (एसडीएम), चंद्रपाणी (एसपी सिटी) तथा संस्कृति विभाग से राकेश कुमार वर्मा प्रमुख रूप से शामिल रहे। अतिथियों के स्वागत पश्चात संगम तट पर विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान उत्तर और दक्षिण भारत की सांस्कृतिक झलक प्रस्तुत की गई, जिसने पूरे वातावरण को उल्लास और उत्साह से भर दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के उपरांत शिक्षकों के समूह ने पवित्र संगम में स्नान कर दिव्य आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की। तत्पश्चात उन्होंने बड़े हनुमान जी के मंदिर में दर्शन-पूजन किया।
समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद प्रवीण पटेल ने कहा कि आज ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो प्रयागराज में तमिलनाडु की संस्कृति साकार होकर हमारे बीच उपस्थित है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा उत्तर और दक्षिण भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को जोड़ने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई इस पहल को अत्यंत महत्वपूर्ण और सराहनीय बताया।
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान हो रहा है, बल्कि एक-दूसरे की परंपराओं, मान्यताओं और इतिहास को समझने का अनूठा अवसर भी मिल रहा है। संसद में भी तमिलनाडु के कई सांसदों ने इस पहल की प्रशंसा की है और इसे “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की दिशा में एक दूरदर्शी कदम बताया है।
इसके साथ ही उन्होंने उल्लेख किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तथा विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों द्वारा भी इस कार्यक्रम को भाषा और संवाद के क्षेत्र में सार्थक भूमिका निभाने वाला बताया गया है। यह प्रयास नई पीढ़ी को देश की विविधता और एकता की वास्तविक शक्ति से परिचित कराता है।
आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से समृद्ध इस प्रवास के पश्चात प्रतिनिधिमंडल स्वामीनारायण मंदिर पहुँचा, जहाँ सुस्वादु भोजन की व्यवस्था की गई। भोजन के उपरांत सभी शिक्षक अयोध्या के लिए प्रस्थान कर गए। काशी–तमिल संगमम् 4.0 राष्ट्र की एकता, सांस्कृतिक आत्मीयता और आध्यात्मिक धरोहर के संरक्षण का जीवंत प्रतीक बनकर एक नई दिशा स्थापित कर रहा है।