वाराणसी। काशी तमिल संगमम (केटीएस) 4.0 के तहत, तमिलनाडु के छात्र प्रतिनिधिमंडल ने आज सारनाथ में बौद्ध धर्म की अमूल्य विरासत का दौरा किया। छात्रों ने सारनाथ संग्रहालय में मौर्यकालीन अवशेषों, विशेष रूप से अशोक स्तंभ के सिंह चतुर्मुख शीर्ष को देखा, जो भारत का राष्ट्रीय प्रतीक है। इसके बाद उन्होंने धर्मस्तूप (धमेख स्तूप) का दौरा किया, जो उस स्थान को चिह्नित करता है जहाँ भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद अपना पहला उपदेश दिया था। इस यात्रा ने छात्रों को उत्तर और दक्षिण भारत के बीच साझा ऐतिहासिक और आध्यात्मिक जड़ों को गहराई से समझने का अवसर दिया। प्रतिनिधिमंडल ने इस अनुभव को 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना को मजबूत करने वाला बताया।