वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने शहर को सुनियोजित विकास करने की दिशा में और अवैध प्लॉटिंग करने वालों पर सख्ती हेत आज कार्यशाला की अध्यक्षता की “मानचित्र स्वीकृति एवं अवैध प्लॉटिंग/अवैध निर्माण पर नियंत्रण” । कार्यशाला में प्राधिकरण के सभी पाँचों जोनों के जोनल अधिकारी, अवर अभियंता तथा फील्ड कार्मिक उपस्थित रहे। उपाध्यक्ष द्वारा बताया गया कि वाराणसी विकास प्राधिकरण आम जन मानस को आए दिन अवैध प्लॉटिंग के झांसे में आकर अपना पैसा फंसा देते है, इसे एक अभियान के तहत VDA आम जनमानस और प्लॉटिंग करने वालों को VDA ऑफिस जाकर इसकी विधिवत सूचना प्राप्त कर सकते हैं, जिससे भूमि स्वामियों एवं प्लॉट खरीदार दोनों को भी लाभ प्राप्त होंगे। वैध प्लॉटिंग होने पर भूमि की वैल्यूएशन स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है, जिसके परिणामस्वरूप निवेश का मूल्य भी मजबूत होता है। साथ ही, ले-आउट स्वीकृत एवं वैध प्लॉट पर खरीदारों को बैंक लोन भी सहजता से उपलब्ध हो सकेगा। मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया भी अधिक सरल एवं सुगम हो जाती है। सबसे महत्वपूर्ण, वैध प्लॉटिंग से क्षेत्र का विकास नियोजित एवं सुव्यवस्थित रूप से हो पाता है, जिससे नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएँ प्राप्त होती हैं l
कार्यशाला में अवैध प्लॉटिंग एवं अनाधिकृत निर्माण को रोकने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देशों पर विस्तृत चर्चा की गई। उपाध्यक्ष महोदय ने स्पष्ट रूप से कहा कि वाराणसी विकास प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी विकास कार्य की अनुमति तभी दी जाएगी जब वह सभी मानकों एवं नियमों का अनुपालन करेगा।
विकासकर्ताओं के लिए अनिवार्य निर्देश
वाराणसी विकास प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी विकास कार्य को प्रारंभ करने से पूर्व विकासकर्ताओं को निम्न बिंदुओं का पालन करना अनिवार्य है:-
* सबडिवीजन/तलपट मानचित्र प्राधिकरण से स्वीकृत कराना अनिवार्य है।
* आवासीय प्लॉटिंग हेतु न्यूनतम 9 मीटर चौड़ी सड़क विकसित होनी चाहिए।
* प्लॉटिंग क्षेत्र के न्यूनतम 15% क्षेत्र में पार्क/खुला क्षेत्र रखना अनिवार्य है।
* प्लॉटिंग क्षेत्र से जुड़ने वाला अप्रोच मार्ग भी न्यूनतम 9 मीटर चौड़ा होना चाहिए।
* संबंधित भूभाग का महायोजना में भू-उपयोग आवासीय होना चाहिए।
* प्लॉटिंग क्षेत्र किसी भी विभाग (वन, पर्यावरण, सिंचाई आदि) द्वारा प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित न हो।
* प्लॉटिंग क्षेत्र गंगा नदी के डूब क्षेत्र या बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में नहीं होना चाहिए।
* भूखंड खरीदने वाले आमजन हेतु आवश्यक सावधानियाँ
वाराणसी विकास प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्लॉट/भूखंड को खरीदने से पहले आमजन को निम्न तथ्यों की जांच अवश्य करनी चाहिए:-
* संबंधित भूखण्ड हेतु सबडिवीजन/तलपट मानचित्र प्राधिकरण से स्वीकृत हो।
* प्लॉट के सम्मुख न्यूनतम 9 मीटर चौड़ी सड़क उपलब्ध हो।
* प्लॉटिंग क्षेत्र में विकासकर्ता द्वारा 15% क्षेत्र पार्क/खुले स्थान के रूप में छोड़ा गया हो।
* प्लॉटिंग क्षेत्र से जुड़ने वाला अप्रोच मार्ग न्यूनतम 9 मीटर चौड़ा उपलब्ध हो।
* महायोजना के अनुसार संबंधित क्षेत्र का भू-उपयोग आवासीय हो।
* क्षेत्र किसी भी विभाग (वन, पर्यावरण, सिंचाई आदि) द्वारा प्रतिबंधित घोषित न किया गया हो।
* प्लॉटिंग क्षेत्र गंगा नदी के डूब क्षेत्र एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में न हो।
* प्लॉटिंग क्षेत्र गंगा नदी के उच्चतम बाढ़ बिंदु से 200 मीटर के भीतर स्थित न हो।
उपाध्यक्ष ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि अवैध प्लॉटिंग एवं अनधिकृत निर्माण पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा आमजन को जागरूक करने हेतु समय-समय पर जानकारी प्रसारित की जाए।
VDA उपाध्यक्ष द्वारा आम जन मानस से अपील की गयी है कि वाराणसी विकास प्राधिकरण से ले-आउट स्वीकृत प्लॉट ही खरीदें तथा मानचित्र स्वीकृत कराये बिना किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य न करें अन्यथा की स्थिति में प्राधिकरण द्वारा सख्त कार्यवाही की जायेगी।