वाराणसी। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व मंत्री अजय राय ने आज लहुराबीर स्थित कैम्प कार्यालय पर पत्रकार वार्ता के माध्यम से प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में जानलेवा और नशीली कफ सिरप के अवैध कारोबार शुभम जायसवाल पर मोदी–योगी सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण पर प्रधानमंत्री की चुप्पी क्यों है?
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में जानलेवा कफ सिरप का अवैध कारोबार इस प्रकरण पर प्रधानमंत्री/स्थानीय सांसद की चुप्पी क्यों? बड़ा सवाल यह है की पुलिस कमिश्नरेट जैसी कड़ी व्यवस्था के बीच, जहरीली कफ सिरप का नेटवर्क जिस तरह फल-फूल रहा है, यह केवल कानून-व्यवस्था की नाकामी नहीं बल्कि यह डबल इंजन की सरकार की सीधी असफलता और सत्ता संरक्षण का गंदा चेहरा है। NHRC ने 2 महीने पहले नोटिस भेजा था पर UP सरकार रिपोर्ट देने में नाकाम रही। दो माह पहले ही कफ सिरप से हुई मौतों के मामले में NHRC ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकारों को नोटिस जारी किया था और स्वास्थ्य मंत्रालय से विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी थी। NHRC ने सैंपल रिपोर्ट भी तुरंत उपलब्ध कराने को कहा था। लेकिन डबल इंजन की सरकार ने आज तक कोई रिपोर्ट NHRC को नहीं दी। यह दर्शाता है कि सरकार न केवल नाकाम है, बल्कि इस पूरे कारोबार को ढाल दे रही है। सत्ता संरक्षण का खेल देखिए की 15 नवम्बर को दर्ज एफआईआर में आरोपी शुभम जायसवाल का पूरा नाम, पिता का नाम और पता मौजूद है। लेकिन 19 नवम्बर को दर्ज एफआईआर में उसी आरोपी शुभम जायसवाल के पिता का नाम और घर का पता गायब कर दिया जाता है यह साफ़ संकेत है कि इस अवैध कारोबार को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है और सत्ता मशीनरी आरोपियों को बचाने में लगी है इस जहरीली कफ सिरप ने कई राज्यों में मासूम बच्चों की जान ली है। यह केवल वाराणसी की समस्या नहीं—यह राष्ट्रीय स्तर का स्वास्थ्य संकट है। बच्चों की मौतों के बाद भी सरकार की कार्रवाई शून्य है। इतना बड़ा अपराध प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में हो रहा है और प्रधानमंत्री की चुप्पी इस बात को जगजाहिर करती है कि डबल इंजन की सरकार का संरक्षण प्राप्त है। इस प्रकरण का असली मास्टरमाइंड ड्रग लाइसेंस अथॉरिटी अधिकारी नरेश मोहन है जो भ्रष्टाचार का मुख्य जड़ है। हम माँग करते है की इस ड्रग अधिकारी को बर्खास्त कर कार्यवाही की जाए। काशी की पवित्र भूमि पर जहरीली सिरप का अंधेरा फैलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री हर हफ्ते यहाँ आते हैं, फिर भी अपराधियों का साम्राज्य बढ़ रहा है यह केवल एक ही बात साबित करता है कि यह पूरा नेटवर्क सरकारी संरक्षण में फल-फूल रहा है। यही कारण है कि न मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी हुई, न संपत्ति कुर्क हुई, न गहरी जांच हुई, न नेटवर्क तोड़ा गया।सरकार सिर्फ़ मीडिया में सुर्खियाँ बटोर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर कार्रवाई ‘शून्य’ है।
अजय राय ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि सभी मुख्य आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी हो, मामले की न्यायिक जाँच हो, माफियाओं की अवैध संपत्तियों की कुर्की, राजनीतिक संरक्षण की जांच व स्वास्थ्य मंत्रालय व यूपी सरकार से NHRC को पूरी रिपोर्ट सौंपने की बाध्यता हो।
आगे की कड़ी में अजय राय ने कहा कि इस समय SIR सिस्टम BLO कर्मचारियों की मौत का कारण बना है। यह ‘Vote Chori मॉडल है जिसके सीधे जिम्मेदार मोदी और ज्ञानेश कुमार है। गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल से लेकर उत्तर प्रदेश तक BLO कर्मचारियों की आत्महत्याएँ और संदिग्ध मौतें यह साबित करती हैं कि मोदी सरकार का नया SIR सिस्टम ‘Vote Management’ नहीं, बल्कि ‘Vote Chori Model’ है। जनता की जान की कीमत पर चुनाव कराने का यह मॉडल लोकतंत्र की हत्या है।यूपी के फ़तेहपुर में SIR सुपरवाइज़र सुधीर कुमार की आत्महत्या, गोंडा में BLO विपिन यादव ने की। आत्महत्या मरने से पहले BLO विपिन यादव की पत्नी सीमा यादव ने एक वीडियो जारी किया। जिसमें BLO विपिन यादव ने तरबगंज SDM, नवाबगंज BDO और लेखपाल पर परेशान उत्पीड़ित करने की बात कही इससे यह साफ़ होता है की मौत का जिम्मेदार कौन है आज प्रातः ही हमने जौनपुर मल्हनी पहुंचकर परिजनों से मिला और संवेदना प्रकट किया। लखनऊ में BLO विजय कुमार वर्मा की ब्रेन हैमरेज से मौत, जिनके परिजनों से हम मिल चुके है हम माँग करते है की उच्च स्तरीय जाँच करके आरोपित अधिकारियों पर 302 के तहत कार्यवाही सुनिश्चित की जाए और मृतक बीएलवो के परिजनों को तत्काल प्रभाव से एक-एक करोड़ रुपया और सरकारी नौकरी मुहैया कराई जाए। देश के कई राज्यों में BLO की आत्महत्याएँ व मौतें यह सब SIR सिस्टम के अमानवीय दबाव, धमकी और प्रशासनिक आतंक का सीधा परिणाम है।छुट्टी न देना, घर जाकर डराना, नौकरी से हटाने की धमकी—यह सरकार की अनैतिकता है मोदी और ज्ञानेश कुमार जनता की ज़िंदगी से खिलवाड़ बंद करें। मोदी सरकार और ज्ञानेश कुमार को यह समझना होगा कि जनता और कर्मचारियों की ज़िंदगी कोई खिलौना नहीं है। SIR सिस्टम की वजह से BLO की एक-एक मौत, लोकतंत्र पर एक-एक कलंक है।
इस सरकार में यह भयावह माहौल है की प्रधानमंत्री के क्षेत्र में सत्ता संरक्षण में जहरीली सिरप का काला कारोबार,SIR सिस्टम से BLO मर रहे हैं,प्रदेश में हत्या–लूट–बलात्कार बढ़ रहे हैं,जमीन कब्जा,अवैध खनन फल-फूल रहा है,FIR से नाम–पते हटाए जा रहे हैं,सरकारी संरक्षण बिना इतना बड़ा अपराध संभव नहीं।यही है डबल इंजन सरकार का मॉडल है जहाँ जनता मरे, कर्मचारी मरे, बच्चे मरे,और सत्ता सिर्फ़ अपनी मार्केटिंग करने में लगी रहे।
आज संविधान दिवस पर हम संविधान की रक्षा का संकल्प लेते हैं, क्योंकि आज की सत्ता इसे कमजोर करने में लगी है।और 26/11 के अमानवीय आतंकी हमले में शहीद हुए वीर सपूतों, पुलिस-सेना के जवानों और निर्दोष नागरिकों को शत-शत नमन। न्याय, स्वतंत्रता और साहस—इन्हीं मूल्यों की रक्षा ही राष्ट्र को मजबूत बनाती है।भ्रष्ट सरकार , अन्याय , अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष जारी रहेगा।
उक्त पत्रकार वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के साथ जिलाध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल, महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, फसाहत हुसैन, डॉ राजेश गुप्ता, सतनाम सिंह, डॉक्टर नृपेन्द्र नारायण सिंह, चंचल शर्मा, अब्दुल हामिद डोडे, किशन यादव, मो.उजैर, मो.सैयद आदिल आदि लोग उपस्थिति रहे।