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बरेका महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह को मिला अब संभालेंगे उत्तर मध्य रेलवे एवं केंद्रीय रेल विद्युतीकरण संगठन, प्रयागराज का कार्यभार



 30/Aug/25

वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) के महाप्रबंधक श्री नरेश पाल सिंह को उन्हें उनके वर्तमान पद के साथ-साथ उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज एवं केंद्रीय रेल विद्युतीकरण संगठन (CORE), प्रयागराज के महाप्रबंधक का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया है।

श्री सिंह अपने दूरदर्शी नेतृत्व और कार्यकुशलता के लिए जाने जाते हैं। उनके कार्यकाल में बरेका ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां अर्जित कीं। बरेका द्वारा निर्मित एयरोडायनेमिक WAP-7 लोको ने तकनीकी उत्कृष्टता का नया उदाहरण प्रस्तुत किया, वहीं रेल ट्रैक पर सोलर पैनल लगाकर हरित ऊर्जा की दिशा में एक अनूठा कदम उठाया गया।

सामाजिक उत्तरदायित्व और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी श्री सिंह के नेतृत्व में बरेका ने उल्लेखनीय कार्य किए। वित्तीय वर्ष 2024-25 में बरेका ने 477 लोको निर्माण कर नया कीर्तिमान स्थापित किया।

भारतीय रेल के वर्ष 1988 बैच आईआरएसईई के अनुभवी अधिकारी एवं आईआईटी, रुड़की, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग वर्ष 1987 के  छात्र श्री नरेश पाल सिंह ने रेलवे के कई प्रमुख पदों पर अपनी सेवा देते हुए असाधारण उपलब्धियां हासिल की है। अपने लंबे केरियार में श्री सिंह ने मध्य रेलवे के मंडलों में विभिन्न क्षमताओं जैसे लोको शेड, लोको ऑपरेशन, ट्रैक्शन डिस्ट्रीब्यूशन, सामान्य सेवाएं आदि में कार्य किया है। उन्होंने मध्य रेलवे में मुख्य वि‌द्युत इंजीनियर, रोलिंग स्टॉक, अतिरिक्त मंडल रेल प्रबंधक, संचालन, मुंबई के रूप में भी उल्लेखनीय सेवा प्रदान की है। साथ ही, एमआरवीसी में मुख्य विद्युत इंजीनियर, परियोजना एवं मध्य रेलवे, मुंबई में प्रधान मुख्य विद्युत इंजीनियर के रूप में भी कार्य किये हैं।
श्री नरेश पाल सिंह को मध्य रेलवे में अपने कार्यकाल के दौरान इलेक्ट्रिकल, डीजल रोलिंग स्टॉक, ट्रैक्शन डिस्ट्रीब्यूशन एवं सामान्य सेवा परिसंपत्तियों के रखरखाव तथा संचालन का व्यापक अनुभव है। उन्होंने अपने नेतृत्व में कई अभिनव परियोजनाओं को शुरू किया, जिनमें उन्होंने मध्य रेलवे में ट्रैक्शन पावर के लिए 10 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट एवं 20x4 मेगावाट की बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम शामिल है। इसके अतिरिक्त इनके सफलतापूर्वक नेतृत्व में एक प्रमुख परियोजना 2x25kV ट्रैक्शन सिस्टम में ओ.एच.ई. मास्ट पर ऑप्टिकल फाइबर ग्राउंड वायर (ओ.पी.जी.डब्ल्यू.) के साथ एरियल अर्थ कंडक्टर को बदलने का कार्य किये, जो कि कवच और एस एण्ड टी सिग्नल आवश्यकताओं के लिए विश्वसनीय संचार पथ प्रदान करेगा, साथ ही गैर-किराया राजस्व और अतिरिक्त ऑप्टिक फाइबर कोर के माध्यम से विश्वशनीय संचार में वृद्धि होगी।
16 नवम्बर 2024 को महाप्रबंधक का कार्यभार ग्रहण के उपरांत बरेका ने लोकोमोटिव उत्पादन के क्षेत्र में अनेक मील के पत्थर स्थापित किया हैं, जिनमें कुछ महत्वपूर्ण उपलब्धियां इस प्रकार है:

  • बरेका में पहला एरोडायनामिक WAP –7 लोको एवं दो सेट पुश-पुल लोकोमोटिव का भी उत्पादन सफलतापूर्वक किया गया।
  • जनवरी 2025 में एक माह में सर्वाधिक 124 इलेक्ट्रिक लोको बोगियों का निर्माण
  • मार्च 2025 में एक माह में सर्वाधिक 61 विद्युत् रेल इंजनों का निर्माणवित्तीय वर्ष 2024-25 में सर्वाधिक 477 रेल इंजनो का निर्माण किया गया
  • बरेका ने भारत का पहला हटाने योग्य 15 किलोवाट का सौर पैनल सिस्टम सक्रिय रेलवे पटरियों के बीच स्थापित कर इतिहास रचा है। बरेका में ग्रिड कनेक्टेड सोलर पावर प्लांट की कुल स्थापित क्षमता 3859 kWp है। इसके परिणामस्वरूप 42.26 लाख यूनिट वार्षिक सौर ऊर्जा उत्पादन होता है। 
  • भूमिगत जल स्त्रोत को रिचार्ज करने हेतु 29 डीप रिचार्ज वेल का निर्माण किया गया।
     


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