वाराणसी। यूपी में 2017 में बनी भाजपा की सरकार को 8 वर्ष पूरे हो चुके हैं। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की सरकार बनी उसके 8 वर्ष पूर्ण होने पर सरकार के रिपोर्ट कार्ड को लेकर पूरे प्रदेश में अलग-अलग जगह पत्रकार वार्ता आयोजित की जा रही है। इसी संदर्भ में शहर दक्षिणी के विधायक नीलकंठ तिवारी ने भी एक प्रत्रकार वार्ता आयोजित की। जिसमें उन्होंने कहा कि जब हम 2017 के पूर्व उत्तर प्रदेश के हालात के बारे में चर्चा करते हैं एक भयावह स्थिति ध्यान में आती है जहां पर कानून का राज नहीं था, माफियाओं का बोलबाला था, व्यापारी व्यापार नहीं कर सकते थे, अधिकारी अपना काम नहीं कर पाते थे, समाज का कोई भी व्यक्ति, बहन बेटी असुरक्षा की भावना से ग्रस्त थे, साथ ही साथ राजसत्ता पर बैठे हुए लोगों के द्वारा भ्रष्टाचार को एक व्यवहार के रूप में विकसित कर लिया गया था। लेकिन 2017 में योगी की सरकार बनने के बाद उत्तर प्रदेश के स्वरूप में आमूल चूल परिवर्तन हुआ उत्तर प्रदेश में आज अपराधी अपराध करने का सोच भी नहीं सकता अपराधी उत्तर प्रदेश छोड़ चुका है अपराध पर जीरो टोलरेंस की नीति पर काम करते हुए योगी ने उत्तर प्रदेश को माफिया मुक्त प्रदेश बना दिया है। उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर पर अद्भुत काम हुआ है और आज सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे का प्रदेश उत्तर प्रदेश है पूर्वांचल हो बुंदेलखंड हो गंगा एक्सप्रेस में हो गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे हो यह सभी एक्सप्रेसवे एक बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान कर रहे हैं।
इन 8 वर्षों में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने जनता के ऊपर किसी भी प्रकार का कोई नया कर आरोपित नहीं किया है बावजूद इसके उत्तर प्रदेश का खजाना भरा हुआ है और यह भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश का ही परिणाम है। उत्तर प्रदेश में आज देश-विदेश से उद्योगपति उद्योग लगाने के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं और यह सब कुछ उत्तर प्रदेश के बारे में लोगों की धारणा बदलने के कारण हुआ है। आज पूरे देश में और देश के बाहर भी वर्तमान सरकार के यूपी मॉडल की चर्चा होती है और लोग अपने का प्रयास कर रहे हैं। जब कोरोना की वैश्विक महामारी का दौर चल रहा था उस समय उत्तर प्रदेश को लेकर के वैश्विक स्तर पर चिंता व्यक्त की जा रही थी क्योंकि उत्तर प्रदेश की आबादी 25 करोड़ से ज्यादा है और स्वतंत्रता के बाद उत्तर प्रदेश की सरकारों द्वारा उत्तर प्रदेश को पिछड़ा राज्य, बीमारू राज्य का तमगा पहना दिया था I लेकिन योगी की सरकार ने सबसे अच्छा कार्य कोरोना काल में किया।
आगे उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश सनातन धर्म का ध्वज पताका सभी पंथो का सम्मान करते हुए आगे बढ़ा रहा है। पीएम मोदी की प्रेरणा से भव्य और दिव्य महाकुंभ संपन्न हुआ जिसमें 66 करोड़ से ज्यादा लोगों ने पवित्र संगम में डुबकी लगाई और एक भी अपराधिक घटना, यहां तक की किसी भी प्रकार की चोरी, डकैती या छेड़खानी कुछ भी नहीं हुआ, जो अपने आप में रिकॉर्ड है। इन आठ वर्षो के गौरवशाली उत्तर प्रदेश सरकार के कार्यकाल की जब चर्चा हम काशी के परिपेक्ष में करते हैं तो ध्यान में आता है की काशी, वैश्विक प्रतिष्ठा प्राप्त विश्व की सबसे पुरातन नगरी है I यह सांस्कृतिक राजधानी भी है और वर्तमान में विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता, भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी का निर्वाचन क्षेत्र भी है। काशी जिसे वैश्विक स्तर पर पुरातन काशी ,संस्कृतियों का संगम काशी, के रूप में जाना जाता है उसके ज्यादातर हिस्से दक्षिणी विधानसभा में शामिल हैI बाबा विश्वनाथ का दिव्य धाम भी यही है। माता अन्नपूर्णा यही विराजित हैं। बाबा काल भैरव, महामृत्युंजय मंदिर बड़ा गणेश मंदिर, मां संकठा का मंदिर, माता दुर्गा का दुर्गाकुंड मंदिर, बनकटी हनुमान जी का मंदिर, एवं द्वादश ज्योतिर्लिंग, नव गौरी, नौ देवी, अष्ट भैरव, अष्ट विनायक, अष्टप्रधान विनायक, सहित सभी देवी देवताओं के ज्यादातर स्थल यहीं हैं।
पक्के महाल की गलियों में घुसने पर ज्ञात होता है कि ख्याति प्राप्त बड़े-बड़े वैदिक घराने , एक से बढ़कर एक साहित्यकारों का निवास यही है। पंचगंगा घाट पर पूज्य रामानंदाचार्य के सन्दर्भ मिलते हैं तो ठठेरी बाजार की गलियों में आधुनिक हिंदी खड़ी बोली के जन्मदाता भारतेंदु बाबू हरिश्चंद्र का निवास है I इन्हीं गलियों में वेद पर अनेक अध्ययन प्रस्तुत करने वाले अनेक वैदिक घराने मौजूद हैं , जहां वैदिक विचारों की धुन सामान्य रूप से सुनी जा सकती है। पक्के महाल की गलियों में संपूर्ण भारत बसता हैI कहीं गुजराती समाज, तो कहीं मराठी समाज, तो कहीं महाराष्ट्रीयन समाज, तो कहीं पंच द्रविड़ समाज के लोग यहां पर पूर्ण अधिकार के साथ बिना किसी भेद के निवास करते हैं। दक्षिणी विधानसभा पूर्वांचल का व्यवसायिक केंद्र भी हैI यहां पूर्वांचल की सबसे बड़ी दवा मंडी, पूर्वांचल की सबसे बड़ी किराना मंडी, सर्राफा मंडी, गल्ला मंडी, के साथ-साथ विश्व प्रसिद्ध बनारसी साड़ियों का भी प्रमुख केंद्र इसी विधानसभा में है। गुलाबी मीनाकारी का कार्य होते हुए इसी विधानसभा के पक्के महाल के गलियों में देखा जा सकता है, जो आज प्रधानमंत्री की प्रेरणा से इन 8 वर्षों में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में अत्यधिक पल्लवित एवं पुष्पित हो रहा है।
प्रधानमंत्री ने इन सभी विषयों को दृष्टिगत रखते हुए विकास की परियोजनाओं पर काम प्रारंभ किया और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी ने इन परियोजनाओं को प्रधानमंत्री की प्रेरणा से मूर्त रूप प्रदान किया। 2017 में उत्तर प्रदेश की सरकार बनने के पूर्व काशी की मूल समस्या बिजली पानी सीवर की होती थी और इसी को लेकर , विभिन्न राजनीतिक दल आंदोलन किया करते थे और इन समस्याओं का मूल जड़ कहीं ना कहीं दक्षिणी विधानसभा से शुरू होती थी I लेकिन आज हम कह सकते हैं कि इन तीनों समस्याओं का जड़ से निराकरण हो चुका है।
पत्रकार वार्ता में दक्षिणी विधानसभा के विधायक ने विकास के अलग-अलग बिंदुओं पर जब चर्चा करते हुए कहा कि इन आठ वर्षो में प्रधानमंत्री की प्रेरणा से घाटों का विकास लगभग 100 करोड रुपए की लागत से हो चुके हैं और आज प्रत्येक घाट एक दूसरे से जुड़े हुए हैं I घाटों पर 2017 से पहले मल मूत्र जो दिखाई देते थे, गंदगी जो दिखाई देती थी , वह हट गई है I मां गंगा का निर्मलीकरण हो गया है I मां गंगा में अब सीवर का पानी नहीं जाता है। श्री विश्वनाथ धाम काशी ही नहीं बल्कि सनातन धर्मावलंबियों का अध्यात्म का एक प्रमुख केंद्र है, लेकिन श्री विश्वनाथ धाम में लोगों को सकरी -गंदगी भरी गलियों से होकर जाना पड़ता थाI प्रधानमंत्री की प्रेरणा से, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में इन 8 वर्षों में श्री विश्वनाथ धाम का अद्भुत विकास हुआ हैI आज श्री विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का निर्माण पूर्ण हो चुका है, और नित्य श्रद्धालुओं का जो आंकड़ा है वह एक लाख से ऊपर का है और महाकुंभ के दौरान तो आज तक के इतिहास में सर्वाधिक संख्या का रिकॉर्ड 45 दिनों में रहा हैI जिससे काशी ही नहीं पूर्वांचल के लोगों को भी आर्थिक लाभ, व्यावसायिक लाभ प्राप्त हो रहा है।
काशी में तीन अंतर्गृही परिक्रमाएं होती हैं। हजारों की संख्या में श्रद्धालु तीनों अंतर्गृही परिक्रमाओं में, सैकड़ो की संख्या में मंदिरों का दर्शन पूजन करते हैंI लेकिन स्वतंत्रता के बाद इस पर काम नहीं किया गया थाI प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से तीनों अंतर्गृही परिक्रमा जिसमें श्री विश्वेश्वर खंड, श्री ओम्कारेश्वर खंड एवं श्री केदारेश्वर खंड हैं, इनके मार्ग में आने वाले सैकड़ों मंदिर को चिन्हित करके, उनके मार्गों का सुंदरीकरण किया गया, जिससे श्रद्धालुओं को अब इन परिक्रमाओं को करने में कोई असुविधा नहीं होती है। दक्षिणी विधानसभा में ही द्वादश ज्योतिर्लिंग के ज्यादातर मंदिर, अष्ट भैरव के ज्यादातर मंदिर, नौ गौरी के ज्यादातर मंदिर, नौ देवी के ज्यादातर मंदिर, अष्टविनायक के ज्यादातर मंदिर हैंI इन मंदिरों को पवन पथ योजना से जोड़कर इन 8 वर्षों में इन मंदिरों की अवस्थापना सुविधा का विकास किया गया और आज इन सभी मंदिरों में जहां आवश्यकता है उसके द्वार भी बनाए गए और श्रद्धालुओं को अब सुविधा होती है। इसमें लगभग 116 मंदिरों की अवस्थापना सुविधा का विकास किया गया है।
आदि केशव घाट काशी का प्रथम घाट है और उसके बगल में बहुत बड़ा मां गंगा का क्षेत्र शौच का केंद्र बना हुआ था I लेकिन पीएम मोदी की प्रेरणा मार्गदर्शन में इन्हीं 8 वर्षों में नमो घाट के रूप में काशी को विश्व स्तरीय सबसे लंबा घाट वहीँ प्राप्त हुआ। इसका निर्माण पूर्ण हो चुका है और हजारों की संख्या में रोज लोग इस घाट पर भ्रमण हेतु जाते हैं।
दक्षिणी विधानसभा के अन्य मठ मंदिरों में भी विकास के कार्य कराए गए। यदि आध्यात्मिक क्षेत्र में दक्षिणी विधानसभा में कार्यों का लागत जोड़ा जाए तो लगभग 2000 करोड़ के आध्यात्मिक क्षेत्र के कार्य दक्षिणी विधानसभा में इन 8 वर्षों में कराए गए हैं।
दक्षिणी विधानसभा में 22 प्राथमिक एवं परिषदीय विद्यालय हैं जिसमें सभी विद्यालय जर्जर हालत में थे I लेकिन इन 8 वर्षों में प्रधानमंत्री की प्रेरणा से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी के कार्यकाल में मछोदरी विद्यालय भारत का सबसे सुंदर परिषदीय विद्यालय के रूप में विकसित हुआ है I राजघाट प्राथमिक विद्यालय कबीरचौरा जूनियर हाई स्कूल, दुर्गाकुंड प्राथमिक विद्यालय, दुर्गाकुंड जूनियर हाई स्कूल, एक नए स्वरूप में निर्मित हुआ है। साथ ही साथ रामघाट परिषदीय विद्यालय, पियरीकला प्राथमिक विद्यालय, पिशाच मोचन प्राथमिक विद्यालय, जैतपुरा जूनियर हाई स्कूल, विजयीपूरा प्राथमिक विद्यालय, पंचयितिया जूनियर हाई स्कूल सहित एक दर्जन विद्यालयों में काम प्रस्तावित किया गया है। यदि शिक्षा के क्षेत्र में देखें तो सभी कार्यों को मिलाकर 100 करोड़ से ज्यादा के कार्य या तो हो चुके हैं या प्रस्तावित है।
पूर्वांचल का सबसे प्रतिष्ठित एवं पुराना मंडलीय चिकित्सालय श्री शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय चिकित्सालय दक्षिणी विधानसभा में ही स्थित है। इस अस्पताल में गंदगी की भरमार रहती थी, ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या घट गई थी, एक्स-रे मशीन भी ठीक से काम नहीं करती थीI लेकिन इस अस्पताल में प्रधानमंत्री की प्रेरणा और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी के मार्गदर्शन में इन 8 वर्षों में अब निशुल्क सीटी स्कैन, निशुल्क अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था, डायलिसिस की व्यवस्था, साथ ही साथ प्लेटलेट सेपरेटर मशीन, बड़ी क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट, आरटीपीसीआर मशीन, आधुनिक ब्लड बैंक एवं अन्य सुविधाओं का विकास किया गया है।
जिला महिला चिकित्सालय भी दक्षिणी विधानसभा में ही स्थित है प्रधानमंत्री की प्रेरणा से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने इन 8 वर्षों में महिला चिकित्सालय का भी कायाकल्प किया है यहां पर एम सी एच विंग की स्थापना जिला महिला अस्पताल का उच्चीकरण एवं नवनिर्माण के कार्य किए गए हैं। वैश्विक महामारी कोरोना जब आई उसे समय दक्षिणी विधानसभा में ऑक्सीमीटर की कमी ना हो इसके लिए ढाई हजार ऑक्सीमीटर घर-घर मोहल्ले मोहल्ले बांटने का काम किया गया है। उत्तर प्रदेश में ज्यादातर शहरी क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र किराए के भवनों में चलते हैं I दक्षिणी विधानसभा में कुल पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र किराए के भवनों में चलते थे I जो किराए के भवन थे वह अत्यंत छोटे होते थे, जिससे समुचित चिकित्सा व्यवस्था क्षेत्र के लोगों को नहीं मिल पाती थी I इन 8 वर्षों में इन सभी पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के अपने भवन का निर्माण हो चुका है I जिसमें कोनिया , जैतपुरा, बेनिया मैं चिकित्सकीय कार्य प्रारंभ हो गया है तथा राजघाट में कल प्रारंभ होगा I एवं आदि विश्वेश्वर में इसी महीने के अंत तक कार्य प्रारंभ हो जाएगा।
बेनिया जच्चा बच्चा अस्पताल लगभग 32 वर्ष से बंद पड़ा थाI इन्हीं आठ वर्षो में प्रधानमंत्री की प्रेरणा और मार्गदर्शन से यह अस्पताल प्रारंभ किया गया। दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र में एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुर्गाकुंड पर स्थित है। इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का प्रधानमंत्री की प्रेरणा से इन्हीं 8 वर्षों में उच्चीकरण किया गया और अब इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध है, सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है जो आधुनिक मशीन लेजर तकनीकी से किया जाता है, घुटने का प्रत्यारोपण भी इस अस्पताल में होता है, फिजियोथैरेपी का भी कार्य इसी अस्पताल में होता है और यह सभी कार्य निशुल्क होते हैं।
यदि चिकित्सा क्षेत्र में हम देखें तो इन 8 वर्षों में दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र में लगभग 250 करोड़ के काम पूर्ण हो चुके हैं। दक्षिणी विधानसभा में स्थित श्री शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय चिकित्सालय के मल्टी स्टोरी सुपर स्पेशलिटी स्वरूप के निर्माण का कार्य प्रक्रिया में है जिसमें 216 करोड़ की प्राथमिक स्वीकृति जारी हो चुकी है और 135 करोड़ की स्वीकृति हो चुकी है, बहुत शीघ्र कार्य प्रारंभ होगा।
अवस्थापना के क्षेत्र में दक्षिणी विधानसभा में अद्भुत कार्य हुए I दक्षिणी विधानसभा में काल भैरव वार्ड, राज मंदिर वार्ड , गड़वासीटोला वार्ड, कामेश्वर महादेव वार्ड, दशाश्वमेध वार्ड के संपूर्ण गलियों के पूर्ण विकास का कार्य कराया जा चुका है I जिसमें सीवर, पानी की पाइपलाइन बदली गई, स्मार्ट पटिया लगाया गया, दीवारों का रंग रोगन किया, गया साथ ही साथ सूर्यकुंड वार्ड, पिशाचमोचन वार्ड, चेतगंज वार्ड, पियरीकला वार्ड का भी संपूर्ण डेवलपमेंट का कार्य किया जा चुका है इन कार्यों में लगभग 200 करोड रुपए का कार्य किया कराया गया।
दक्षिणी विधानसभा में कुल 144 छोटे-बड़े ट्यूबवेल हैं जिसमें मिनी ट्यूबवेल और बड़े ट्यूबवेल हैं 8 वर्षों में ही दक्षिणी विधानसभा के इन 144 ट्यूबवेल में से लगभग 90 ट्यूबवेल लगाए गए और वर्तमान समय में 16 ट्यूबवेल प्रस्तावित है चार ट्यूबवेल पर काम चल रहा है यानी 120 ट्यूबवेल इन आठ सालों में लगाए गए या लगाए जाने के लिए स्वीकृत है। दक्षिणी विधानसभा में ही कोनिया घाट का पुल इन्हीं आठ सालों में बना है I कोनिया घाट के पुल के लिए 80 के दशक से क्षेत्र की जनता की मांग थी लेकिन सरकारों द्वारा उपेक्षा की जाती थी I 2017 में योगी की सरकार बनने के बाद किसका निर्माण इन्हीं 8 वर्षों में पूर्ण हुआ। कज्जाक्पुरा फ्लाईओवर उत्तर प्रदेश की सबसे बड़े फ्लाईओवर में एक फ्लाईओवर है जिसकी लंबाई लगभग 2 किलोमीटर है इसका निर्माण भी चल रहा है इन दोनों पुलों के निर्माण में लगभग १५० करोड़ की लागत लगी है। दक्षिणी विधानसभा में पार्किंग की बहुत बड़ी समस्या थी जिसको दूर करने के लिए बेनिया अंडरग्राउंड पार्किंग एवं टाउन हॉल अंडर ग्राउंड पार्किंग का निर्माण लगभग १२५ करोड़ की लागत से किया गया है।
गोदौलिया से दशाश्वमेध की सड़क आधुनिक टेक्नोलॉजी से एक अलग तरीके से बनी है जिसकी लागत लगभग 30 करोड़ है। इस सड़क को गौरव पथ के रूप में भी जाना जाता है। गोदौलिया से मैदागिन तक की जो सड़क बनी है यह भी आधुनिक तकनीकी के आधार पर बनाई गई है और अब यहां पर बार-बार रिपेयरिंग की जरूरत नहीं पड़ती। दशाश्वमेध स्थित शॉपिंग काम्प्लेक्स लगभग तीन दशक से शिलान्यास करके छोड़ दिया गया था I प्रधानमंत्री की प्रेरणा से इन्हीं 8 वर्षों में मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व इस परिसर का कार्य 34 करोड़ की लागत से पूर्ण हुआ। टाउन हॉल में शॉपिंग कंपलेक्स का निर्माण भी पटरी वालों को दुकान देने के लिए इसी कार्यकाल में पूर्ण हुआ। दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र में कुल 26 पार्क हैं जिसमें सभी का सुंदरीकरण हो चुका है I सुंदरीकरण के बाद जिन पार्कों में थोड़ी बहुत कमियां है उनमें से 16 पार्कों का पुनः सुंदरीकरण का कार्य चल रहा है या प्रस्तावित है। दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में आध्यात्मिक कुंड पिशाच मोचन, ईश्वरगंगी, कर्णघंटा, दुर्गाकुंड एवं लाट भैरव हैI इन सभी कुंडों का सुंदरीकरण किया जा चुका है। काशी मोक्षदाययनी है और दक्षिणी विधानसभा में मणिकर्णिका घाट स्थित है जो महाशमशान के रूप में विख्यात है I मणिकर्णिका घाट के विकास का कार्य भी चल रहा है बहुत जल्दी पूर्ण हो जाएगा। श्री विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के निर्माण के बाद बढ़ती श्रद्धालुओं के भीड़ की दृष्टिगत एवं दालमंडी क्षेत्र के व्यवसायियों के व्यवसाय को व्यवस्थित करने के लिए उच्च स्तरीय व्यवस्था के लिए दालमंडी मार्ग के नवनिर्माण का कार्य भी प्रस्तावित है , जो शीघ्र ही शुरू होगा।
दक्षिणी विधानसभा में प्रधानमंत्री योगी के प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में इन 8 वर्षों में लगभग 5000 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए। दक्षिणी विधानसभा में स्मार्ट सिटी के द्वारा 741 करोड रुपए के कार्य किए गए जिसमें घाटों का काम है सर्विलांस का काम है और अन्य कार्य भी इसमें हैं। इस प्रकार से देखा जाए तो दक्षिण विधानसभा में अकेले इन आठ वर्षो में प्रधानमंत्री की प्रेरणा मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार ने लगभग 5000 करोड़ से ज्यादा के काम कराया गया है।