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बनारस के होटल ताज में 7 से 9 मार्च तक होगा "बनारस साहित्य कला उत्सव" का महाकुम्भ : डॉ. दीपक मधोक



 05/Mar/25

साहित्य कला- संस्कृति संसार का सबसे प्रतिष्ठित संवाद धर्मी आयोजन है "बनारस लिट् फेस्ट" : बृजेश सिंह

काशी साहित्य-कला उत्सव' में देश-विदेश की ख्यात हस्तियों का जमावड़ा होने जा रहा है। 07 मार्च से 09 मार्च, 2025 तक अपने तीसरे संस्करण के रूप में होटल ताज, नदेसर पैलेस में आयोजित होने जा रहे उत्सव में विविध विधाओं, विषयों के प्रमुख हस्तियों का जुटान होने जा रहा है। बनारस लिट फेस्ट काशी साहित्य कला आयोजन समिति की बनारस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में आयोजकों ने आयोजन की विस्तृत जानकारी साझा की। आयोजन समिति के अध्यक्ष दीपक मधोक ने बताया कि 07 मार्च को दोपहर बजे 12 बजे से उद्घाटन समारोह होगा। उद्घाटन समारोह के मुख्य व विशिष्ट अतिथि क्रमशः असम के राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य एवं राज्यसभा के उपसभापति हरिवंशजी होंगे इनके साथ ही वाराणसी के मेयर अशोक कुमार तिवारी, राज्‍यमंत्री रविन्‍द्र जायसवाल, डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु भी उपस्थित होंगे। कार्यक्रम के बारे में आगे जानकारी देते हुए कहा कि काशी की अपनी सनातन संस्कृति को समर्पित यह आयोजन यहाँ के संतों, मनीषियों के मूल्यों से प्रकाशित है इसीलिए बहुत कम समय में ही यह आयोजन देश-विदेश के दिगज साहित्यकारों एवं साहित्यप्रेमियों में लोकप्रिय व प्रतिष्ठित हो गया है। आयोजन समिति प्रमुख श्री दीपक मधोक, सचिव बृजेश सिंह एवं सभी ने एक स्वर से उम्मीद जताई कि यह उत्सव पिछले संस्करणों की कड़ी में और भव्य-दिव्य एवं सुविचारित होगा, जिसमें अनेक विषयों और विधाओं के उल्लेखनीय लेखक, विद्वान, संगीतकार भाग लेंगे।

बृजेश सिंह ने कहा कि यह बनारस के हर व्यक्ति का अपना आयोजन है। सही मायने में बनारस ही इसका आयोजक है। उन्होंने कहा कि एक लोकतांत्रिक, समावेशी, संवादधर्मी मंच बताया जो काशी की पुरातन एवं चिरंतन साहित्यिक-सांस्कृतिक परम्पराओं का ही हिस्सा है और उसका विकास-विस्तार है। इस महोत्सव का एक मुख्य आकर्षण इस वर्ष का 'पुस्तक पुरस्कार' है, जिसमें ख्यात लेखक सम्मानित होंगे। इस वर्ष के आयोजन में 500 से अधिक दिग्गज वक्ता, लेखक, बुद्धिजीवी, समालोचक, प्रकाशक, सांस्कृतिक प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं, जिनमें नोबेल पुरस्कार विजेता, बुकर पुरस्कार, साहित्य अकादमी विजेता, नीति निर्माता, राजनयिक, अध्येता, राजनीतिक, समाज वैज्ञानिक, समाजसेवी आदि शामिल हैं।

साहित्य, ललित कला, संगीत, सिनेमा, खेल, विज्ञान-पर्यावरण, रक्षा, समाज, मीडिया आदि अनेक विषयों पर चर्चा की जाएगी। ललित कला प्रदर्शनी, कार्यशाला भी एक प्रमुख आकर्षण होगा जिसमें पूरे देश से ख्यात कलाकार शामिल होंगे।

इस वर्ष जिन अतिथियों, वक्ताओं की पुष्टि की गई है, उनमें राज्यसभा के उपसभापति जाने-माने पत्रकार-लेखक हरिवंश, अभिनेता अमोल पालेकर, बुकर पुरस्कार विजेता कृति रेत समाधि की लेखिका गीतांजलि श्री, नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी, राष्ट्रपति से पुरस्कृत राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानि निर्देशक संजय पूरन सिंह चौहान, साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त ख्यात कवि अरुण कमल, बद्री नारायण, चर्चित लेखक अमीश त्रिपाठी, नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी, ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता प्रतिभा राज्य, आमिश त्रिपाठी, विक्रम सम्पत, खालिद जावेद, सौरभ द्विवेदी, राजदीप सरदेसाई, प्रतीक त्रिवेदी, राशिद किदवई, कमलानंद झा, वसीम बरेलवी, डॉ हरिओम, प्रियांशु गजेंद्र, डॉ सरिता शर्मा, पद्म भूषण ग्रेमी पुरस्कार विजेता पं विश्व मोहन भट्ट, मालिनी अवस्थी, मनोज तिवारी, पद्मश्री भरत शर्मा व्यास, आमोल पालेकर, ईला अरुण, भाषा सुमाली, संजय पुरन सिंह, जमील अख्तर, आईशा फिल्म इंडस्ट्री स्टेफनी मैसनिक जर्मनी से आनंद नीलकंठन, लक्ष्मी पुरी जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।

कार्यक्रम आयोजन समिति के अध्यक्ष दीपक मधोक, उपाध्यक्ष अशोक कपूर, सचिव बृजेश सिंह, कोषाध्यक्ष धवल प्रकाश, समन्वयक धर्मेंद्र कुमार एवं सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों तथा काशी के साहित्य-संस्कृति प्रेमी प्रतिष्ठित नागरिकों की बनारस क्लब में बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लेखकों, कलाकारों एवं सत्रों की जानकारी साझा की गयी।

कार्यक्रम में नेपाल कंट्री पार्टनर है। फोटो प्रदर्शनी बनारस क्रॉनिकल यह विविधतापूर्ण मिश्रण साहित्य, कला, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों जैसे विविध क्षेत्रों में फैला हुआ है।


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