काशी बिस्किट्स एंड कन्फकेशनरी व्यापार मण्डल का हर वर्ष के भांती इस वर्ष भी नये वर्ष का सालाना बैठक रविवार 5 जनवरी 2025 को नमो घाट पर हुआ। बैठक की अध्यक्षता अजित सिंह बग्गा ने किया तथा संचालन काशी बिस्कुट एंड कन्फकेशनरी के महामंत्री रमेश निरंकारी ने किया। इस अवसर पर सभी व्यापारियों को नव वर्ष की शुभकामनायें देते हुए सभी व्यापारीयों को संगठन के महत्व के बारे में बताया गया और GST विभाग तथा फ़ूड विभाग द्वारा किये जा रहे व्यपारीक उत्पीड़न के बारे में विस्तार से चर्चा हुई। व्यपारियों ने यह निश्चित किया कि अब कोई भी व्यापारी इस उत्पीड़न के सामने झुकेगा नहीं और भराष्ट्रचार के खिलाफ सभी व्यापारी गण लाबंद होकर आगे की लड़ाई लड़ेंगे। इस अवसर पर व्यापारियों ने सरकार से मांग की की सब स्टैंडर्ड में जुर्माने की राशि में एकरूपता होनी चाहिए तथा जुर्माने की राशि कम से कम होनी चाहिए। खाद्य लाइसेंस न होने पर पहले व्यापारी को चेतावनी देकर छोड़ देना चाहिए और यह निश्चित करना चाहिए जुर्माने की राशि ज्यादा ना हो तथा खाद्य लाइसेंस ज्यादा से ज्यादा बने इस पर ध्यान देना चाहिए। मल्टीनेशनल के दबाव में कुटीर उद्योग दम तोड़ रहा है।
त्यौहार के समय सैंपल के नाम पर कुटीर उद्योगों का सैंपल भरा जाता है। छोटे व्यापारियों का उत्पीड़न बंद होना चाहिए। जीएसटी में कुटीर उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए जो 40 लाख तक की छूट है, उसको बढ़ाकर एक करोड़ होना चाहिए। ऑनलाइन के वजह से जो उद्योग बंद हो रहे हैं सरकार को उसे पर ध्यान देना चाहिए। ऑनलाइन व्यापारियों को स्टॉक की सीमा में बांधा जाना चाहिए जैसे पिछली सरकार ने बांधा था, क्योंकि जिस तरह किसान पहले आत्महत्या करते थे उसी प्रकार व्यापार ना चलने की वजह से व्यापारी कर्ज में दब जा रहा है और आत्महत्या कर ले रहा है। इस अवसर पर काफी संख्या में व्यापारी गण मजूद थे।
जिसमें प्रमुख रूप से सुशील लखमानी ओम प्रकाश, जीतेन्दर गुप्ता, संजय गुप्ता, दीप्तिमान देव गुप्ता, मनीष गुप्ता, जय निहालनी, विकास गुप्ता, सचिन मौर्या, राजीव वर्मा, गनेश्वर जायसवाल, बृजभूषण मिश्रा, धर्मेंद्र सिंह, नन्दलाल केशरवानी, सत्यप्रकाश जायसवाल, सच्चे लाल, रमेश पांडे, चंचल सिंह, दिलीप चौहान, रुपेश तिवारी आदि लोग उपस्थित रहे।