Severity: Warning
Message: fopen(/var/cpanel/php/sessions/ea-php80/ci_sessiond378e319eeb42f420a150d68b2233c1d818bc5a7): Failed to open stream: No space left on device
Filename: drivers/Session_files_driver.php
Line Number: 177
Backtrace:
File: /home/theyatra/public_html/clowntimes.co.in/index.php
Line: 315
Function: require_once
Severity: Warning
Message: session_start(): Failed to read session data: user (path: /var/cpanel/php/sessions/ea-php80)
Filename: Session/Session.php
Line Number: 137
Backtrace:
File: /home/theyatra/public_html/clowntimes.co.in/index.php
Line: 315
Function: require_once
11 लाख से अधिक शिवलिंग आयेंगे काशी
ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य महाराज ने काशी से कानपुर प्रस्थान करने से पूर्व शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्यामठ में स्फटिक के शिवलिंग पर प्रकट हुए आदि विशेश्वर की प्रतीक पूजा के उपरांत उपस्थित सन्तों, भक्तों व देश के सनातनधर्मियों को एक संदेश जारी करते हुए कहा कि आदि विशेश्वर को प्रकट हुए एक वर्ष से अधिक समय बीत गया है लेकिन अभी तक उनके पूजन, राग भोग की व्यवस्था सुनिश्चित नही की जा सकी है। हम सबको सुर दुर्लभ मनुष्य शरीर प्राप्त है जिसका खुशी है वहीं दुख भी है कि हम भारत देश मे अपने देवी देवताओं का प्रसन्नता के साथ पूजा अर्चन नही कर पा रहे हैं। आज हम 11 लाख से अधिक संख्या में जिन जिन सनातनधर्मियों ने आदि विशेश्वर से की प्रतीक पूजा की है उन सभी से एक एक शिवलिंग काशी आकर देने की अपील करते हैं।और उन 11 लाख शिवलिंगों को काशी स्थापित कर उनकी प्रतीक पूजा की जायेगी।
ज्ञातव्य है कि पिछले वर्ष काशी में आदि विशेश्वर के प्रकट होने पर ब्रम्हलीन द्वयपीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य जी महाराज के आदेश पर वर्तमान ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज आदि विशेश्वर शिवलिंग की पूजा करने जा रहे थे। उस समय प्रशासन ने उन्हें रोक दिया था जिससे क्षुब्ध होकर पूज्यपाद शंकराचार्य जी महाराज भीषण गर्मी में काशी स्थित श्रीविद्यामठ में निर्जल तपस्या पर बैठ गए थे और अपनी तपस्या पर अडिग होकर 108 घण्टे तक बैठे रहे उनका स्वास्थ जब अत्यधिक बिगड़ने लगा तो और इसकी जानकारी ब्रम्हलीन शंकराचार्य स्वरूपानंद जी महाराज को हुई तो उन्होंने वर्तमान शंकराचार्य स्वामिश्री: अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती जी महाराज को आदेश दिया कि तुम अपना तपस्या समाप्त करो और प्रकट हुए आदि विशेश्वर की प्रतीक पूजा करो। अकाट्य गुरु आज्ञा को मानकर वर्तमान ज्योतिष्पीठाधीश्वर जी महाराज ने अपना तपस्या समाप्त कर दिया और देशवासियों से उनके नजदीक स्थित शिवलिंग पर आदि विशेश्वर की प्रतीक पूजा करने की अपील की। जिसके बाद पूरे देश मे 11 लाख से अधिक सनातनधर्मियों ने प्रतीक पूजा की और सम्बंधित छायाचित्र व चलचित्र पूज्यपाद महाराज जी के पास भेजा।
आज एक वर्ष से अधिक समय व्यतीत होने पर भी आदि विशेश्वर की पूजा व्यस्था प्रारम्भ नही हो पाने से मर्माहत ज्योतिष्पीठाधीश्वर जी महाराज ने समस्त समस्त सनातनधर्मियों से एक शिवलिंग देने का आग्रह किया।और कहा कि आदि विशेश्वर के पूजन हेतु न्यायालय में लंबित केस को इस न्यायालय से उस न्यायालय इस तारीख से उस तारीख पर टाला जा रहा है और कोई सार्थक निर्णय लिया जा रहा है। जिससे हमारे सहित 100 करोड़ से अधिक सनातनधर्मी अत्यंत मर्माहत व व्यथित हैं। जब किसी बच्चे, व्यक्ति महिला का मुकदमा चलता है तो उसे भूखा नही रखा जाता तो क्यों आदि विशेश्वर को भोग राग पूजन इत्यादि से वंचित रखा जा रहा है।जल्दी ही न्यायालय को 100 करोड़ से अधिक सनातनधर्मियों के भावनाओं को ध्यान में रखकर प्रकट आदि विश्वेश्वर केस में उचित निर्णय लेना चाहिए।
शंकराचार्य महाराज के काशी से कानपुर प्रस्थान करते समय उपस्थित भक्तों की आंखें नम हो गई थी और सबने एक स्वर में पूज्यश्री से शीघ्र काशी आने हेतु अपना प्रार्थना निवेदित किया।
इस अवसर पर साध्वी पूर्णम्बा दीदी, साध्वी शारदम्बा दीदी, डॉ गिरीश चन्द्र तिवारी, मीडिया प्रभारी सजंय पाण्डेय, पं रवि त्रिवेदी, यतींद्र चतुर्वेदी, शैलेन्द्र योगी, रमेश उपाध्याय, सतीश अग्रहरी, सदानंद तिवारी, किशन जायसवाल, विवेक पाण्डेय, राकेश पाण्डेय, अजित मिश्रा, रास शुक्ला, अजय सिंह आदि लोगों सहित भारी संख्या में भक्त व सन्त उपस्थित थे।