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वाराणसी के हाईप्रोफाइल केस डॉ. रीना हत्याकांड के आरोपी डॉ. आलोक सिंह आखिरकार पुलिस के सामने आ ही गए। टैगोर टाउन की डॉ. रीना सिंह की हत्या के आरोप में फरार चल रहे उनके पति डॉ. आलोक सिंह को गुरुवार को कैंट पुलिस ने गिरफ्तार किया।
बीती दो जुलाई को डॉ. रीना सिंह की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। डॉ. रीना के पिता रंगनाथ सिंह की तहरीर पर कैंट थाने में डॉ. आलोक और उनके मां-बाप के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। कैंट पुलिस के प्रार्थना पत्र पर 23 जुलाई को अदालत ने डॉ. आलोक और उनके मां-बाप को फरार घोषित किया था।
इसके बाद पुलिस कुर्की की तैयारियां कर रही थी कि तभी नाटकीय घटनाक्रम में डॉ.आलोक गिरफ्तार हो गए। पुलिस हिरासत में डॉ. आलोक को कैंट इंस्पेक्टर का वीआईपी ट्रीटमेंट थाने के पुलिसकर्मियों के साथ ही हवालात में बंद आरोपियों के बीच भी चर्चा का विषय बना रहा। इस संबंध में पूछे जाने पर इंस्पेक्टर कैंट राजीव सिंह ने पूछताछ का हवाला देते हुए कुछ भी बताने से मना कर दिया।
किसी भी आरोप में मुजरिम थाने पर जाते हैं तो पुलिस उन्हें हवालात में डाल देती है या फिर अपने सामने खड़ा करके पूछताछ करती है लेकिन डॉ.आलोक के मामले में ऐसा नहीं हुआ। इंस्पेक्टर कैंट ने उन्हें अपने सामने कुर्सी पर बैठाया।
इसके बाद इंस्पेक्टर कैंट ने डॉ.आलोक के लिए पानी की बोतल, नमकीन, बिस्किट और चाय मंगवाई। कैंट इंस्पेक्टर ने ऐसा क्यों किया इस संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कुछ नहीं कहा। बता दें कि डॉ. आलोक के जीजा एमपी सिंह आईएएस हैं और वह जिले के एक राज्य मंत्री के बेहद करीबी हैं।
डा.आलोक सिंह के जीजा एमपी सिंह आईएएस है और जिले के राज्यमंत्री से उनका करीबी संबंध है। एमपी सिंह बनारस में वीडीए में काफी समय तक तैनात थे और उस दौरान भी उनकी शासन में पकड़ दिखायी दी थी। सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार में दोनों लोगों की अच्छी पकड़ है। पुलिस भी जिस तरह से आरोपी को वीवीआईपी ट्रीटमेंट दे रही है उससे कैंट पुलिस की भूमिका सवालों के घेरे में है।