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कोविड-19 के कारण उपजे वैश्विक महामारी के संकट या ये दौर और लॉकडाउन गरीब और ज़रूरतमंद लोगों के साथ-साथ बेजुबान और बेसहारा पशु-पक्षियों के लिए भी बहुत ही मुश्किल समय रहा है। लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे थे जिससे ऐसे पशु-पक्षियों को खाना नहीं मिल पा रहा था। सड़क पर घूम रहे जानवरों की दशा और भी दयनीय हो गई थी। इनका जीवन भी संकट में था क्योंकि उनके लिए इस समय भोजन की समस्या थी।
लॉकडाउन के दौरान परेशान गरीब, मजदूर और अन्य जरूरतमंदों को तो सरकार के साथ-साथ कई सामाजिक संस्थाओं द्वारा भोजन व राहत सामग्री मुहैया करवाया जा रहा था, लेकिन भूख से बेहाल मानसिक रोगी और बेजुबान जानवरों की सुधि लेने वाला कोई नहीं था। ऐसे में इन बेजुबानों की तकलीफ को समझते हुए भदोही जिले के महराजगंज निवासी समाजसेवी सुशील कुमार मिश्र उर्फ काऊ गुरू ने एक कदम आगे बढ़ाया है। काऊ गुरू प्रतिदिन सड़क पर इधर उधर घूम रहे मानसिक रोगियों, छुट्टा जानवरों को सब्जी, फल, हरा चारा व अन्य खाद्य सामग्री मुहैया कराये, जो अबतक अनवरत कर रहे हैं। जानवरों के ये सच्चे दोस्त उनके लिए लगातार काम कर रहे है और एक दर्जन से ज्यादा जानवरों को रोज खाना खिला रहे हैं।
भोजन कराकर ही करते हैं भोजन
सुशील कुमार मिश्रा उर्फ काऊ गुरु ने बताया कि लॉकडाउन के बाद जब काम धंघा बंद हुआ तो सरकार ने दिहाड़ी मजदूर, विकलांग, गरीबों के लिए सरकार ने मदद की घोषणा की और तमाम सामाजिक संस्थाएं भी मदद में जुट गईं। लेकिन बेसहारा जानवर और बंदरों के लिए कोई आगे नहीं आया। ऐसे में तो उनके मन में आया कि इनका पेट भरने के लिए कुछ करना चाहिए। फिर तनमन और धन से लग गये। जो रोज इन बेजुबान जानवरों के भोजन की व्यवस्था करते हैं। अब प्रतिदिन इन बेजुबानों को भोजन कराने के बाद ही हम भोजन करते हैं।
बेजुबानों का पेट भरना पुनीत कार्य
सुशील कुमार मिश्रा उर्फ काऊ गुरू का कहना है कि संकट के समय में बेजुबानों का पेट भरना सबसे पुनीत कार्य है। इससे उन्हें खुशी मिलती है। परिवार और शुभचिंतकों की शाबासी उन्हें संबल प्रदान करती है। ईश्वर की इच्छा तक उनका यह कार्य चलता रहेगा। आज के समय में ज़रूरत है कि हम सब मिलकर एक-दूसरे की ताकत बनें और साथ ही, इन बेजुबानों का भी ख्याल रखें। इस मुश्किल वक़्त को हम सब अपनी इंसानियत से ही हरा सकते हैं। उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से अपील किया है कि कोई भी इंसान अथवा जानवर भूखा मिले तो उसे भोजन अवश्य कराएं।