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समारोह में कुल 1497 मेधावी छात्र-छात्राओं को दी गई उपाधि
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान(का.हि.वि.), वाराणसी में ग्यारहवें दीक्षांत समारोह का आयोजन स्वतंत्रता भवन,काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में किया गया। समारोह में फार्मास्युटिकल अभियांत्रिकी एवं तकनीकी की बीटेक छात्रा सुश्री श्लोका नेगी ने सर्वाधिक 13 मेडल और पुरस्कार (दस स्वर्ण एक रजत और दो पुरस्कार) पाकर अपनी मेधा का परचम लहराया। सुश्री श्लोक नेगी को बीटेक स्तर पर शैक्षणिक क्षेत्र में संपूर्ण उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेसीडेंट्स स्वर्ण पदक से भी सम्मानित किया गया। वहीं, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की बीटेक की छात्रा सुश्री इशिता अस्थाना को उत्कृष्ट सर्वांगीण प्रदर्शन और नेतृत्व गुणों के लिए डाइरेक्टर्स गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया।
इसके अतिरिक्त इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के अश्विन श्रीवास्तव ने कुल सात मेडल और पुरस्कार, मैकेनिकल इंजीनियरिंग की आस्था मौर्या ने पांच स्वर्ण पदक और एक पुरस्कार, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग के पीयूष सरन ने चार स्वर्ण और दो पुरस्कार, सिविल इंजीनियरिंग के रजत कुशवाहा ने दो स्वर्ण और दो पुरस्कार, कंप्यूटर साइंस के आशीष कुमार ने दो स्वर्ण एक पुरस्कार मिला। साथ ही केमिकल इंजीनियरिंग की तेजस्विता सोम, सिरामिक इंजीनियरिंग के आदित्य चंद्रा, इंडस्ट्रियल केमिस्ट्री की आकांक्षा राजपूत, फार्मास्युटिकल इंजीनियरिंग के अजय मोदी, मैकेनिकल इंजीनियरिंग की दीक्षा गर्ग और सिविल इंजीनियरिंग की ईश्वरी पी शिंगवेकर ने दो स्वर्ण पदक पाकर सफलता के शिखर तक पहुंचे। ग्यारहवें दीक्षांत समारोह में कुल 1497 स्नातकों को विभिन्न पाठ्यक्रमों में उपाधियां प्रदान की गईं। जिसमें 791 बीटेक, 271 आईडीडी, 299 एमटेक/एमफार्मा और 42 एमएससी छात्रों को विभिन्न उपाधियों एवं 94 शोधार्थियों को डॉक्टरेट डिग्री से सम्मानित किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के चांसलर एवं नीति आयोग के सदस्य डॉ.विजय कुमार सारस्वत और संस्थान के निदेशक प्रोफेसर प्रमोद कुमार जैन ने छात्र-छात्राओं को मेडल और अवार्ड से सम्मानित किया। पुरस्कार वितरण का संचालन शैक्षणिक कार्य के अधिष्ठाता प्रोफेसर श्याम बिहारी द्विवेदी ने किया। इस दौरान मंच पर बोर्ड ऑफ गवर्नर के चेयरमैन पद्मश्री डॉ.कोटा हरिनारायन और कुलसचिव (प्रभार) राजन श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
इससे पहले समारोह का शुभांरभ मालवीय की प्रतिमा पर माल्यापर्ण, दीप प्रज्ज्वलन, वैदिक मंत्रोच्चार और कुलगीत के साथ हुआ। दीक्षांत समारोह के आरंभ की घोषणा संचालक मंडल के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ.कोटा हरिनारायन ने की। इसके बाद संस्थान के निदेशक प्रोफेसर प्रमोद कुमार जैन ने संस्थान की उपलब्धियों की आख्या पढ़ी।
दीक्षांत कार्यक्रम में कुल सात पूर्व छात्रों को प्रतिष्ठित पूर्व छात्र/पूर्व छात्र पुरस्कार 2022-23 से सम्मानित किया गया। इनमें प्रोफेसर बीर भानु (इलेक्ट्रॉनिक्स-72) को अकादमिक क्षेत्र में, राज यावतकर (इलेक्ट्रॉनिक्स-80) को अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में, डॉ.अजित सिंह (इलेक्ट्रिकल-85) और दीपक आहूजा (सिरेमिक-85) को उद्योग/उद्यमिता क्षेत्र में और रमेश श्रीनिवासन (मेटलर्जिकल-82) को प्रोफेशन के क्षेत्र में सम्मानित किया गया, साथ ही, डॉ.दीप मनोज जरीवाला (मेटलर्जिकल-10) को यंग अलुमिनस एचीवर अवार्ड और आरएन त्रिपाठी (मैकेनिकल-71) को संस्थान में विशिष्ट सेवा देने के लिए सम्मानित किया गया। दीक्षांत समारोह में आर एन त्रिपाठी उपस्थित रहे, जिन्हे निदेशक द्वारा प्रतिष्ठित पूर्व छात्र पुरस्कार 2022-23 से सम्मानित कर 51 हजार रुपये का चेक दिया गया। पुरस्कारों की घोषणा अधिष्ठाता (संसाधन एवं पूर्व छात्र) प्रोफेसर राजीव श्रीवास्तव ने की।
समारोह में अनुसंधान एवं विकास के अधिष्ठाता प्रोफेसर विकास कुमार दूबे, अधिष्ठाता, छात्र कार्य, प्रोफेसर एलपी सिंह, शैक्षणिक कार्य के एसोसिएट डीन, डॉ.आरके सिंह, सभी विभागों के विभागाध्यक्ष, समन्वयक, शिक्षक, अधिकारी, छात्र एवं उनके अभिभावक उपस्थित रहे।