वाराणसी। हरहुआ विकासखंड के ग्राम गोसाईंपुर मोहाव की रहने वाली पुष्पा देवी, पत्नी गुलाब पटेल ने मेहनत, प्रशिक्षण और आधुनिक कृषि तकनीक को अपनाकर फूलों की खेती को अपनी आर्थिक समृद्धि का जरिया बनाया है। सामान्य तरीके से खेती करने वाली पुष्पा देवी की आय पहले सीमित थी, लेकिन आत्मा योजना के तहत प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने खेती के तौर-तरीकों में बदलाव किया। आज फूलों की खेती, सब्जी उत्पादन और वर्मी कम्पोस्ट उनके लिए आय के प्रमुख साधन बन गए हैं।
पुष्पा देवी के परिवार के पास करीब 2 एकड़ कृषि योग्य भूमि है। आत्मा योजना के तहत स्वयं सहायता समूह का गठन कर उन्हें विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी और प्रशिक्षण दिया गया। गोष्ठियों और कृषि मेलों के माध्यम से वैज्ञानिकों ने उन्हें खेती की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी। प्रशिक्षण के बाद उन्होंने जैविक विधि से सब्जियों और फूलों की उन्नत खेती के साथ वर्मी कम्पोस्ट तैयार करना शुरू किया।
पुष्पा देवी ने खेती शुरू करने से पहले मृदा परीक्षण कराया और मिट्टी में सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को दूर किया। इसके बाद जैविक विधि से सब्जियों और फूलों की खेती शुरू की। उन्होंने 16 बेड का वर्मी कम्पोस्ट यूनिट तैयार किया। बड़े पैमाने पर वर्मी कम्पोस्ट तैयार कर उसकी पैकिंग की और दूसरे किसानों को उचित मूल्य पर बेचने लगीं। इससे खेती के साथ उनकी आय का एक अतिरिक्त स्रोत भी तैयार हुआ।
फूलों की खेती में उन्होंने मौसम के अनुसार फसल लगाने और बेहतर बाजार तलाशने पर भी ध्यान दिया। खेती की तकनीक के साथ बाजार की जरूरत को समझने का सीधा असर उनकी आमदनी पर पड़ा।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024-25 में गेंदे, वर्मी कम्पोस्ट और मिश्रित सब्जियों से पुष्पा देवी की कुल आय 4.30 लाख रुपये रही। वहीं वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 7.28 लाख रुपये हो गई। इस तरह एक वर्ष में उनकी कुल आय में करीब 2.98 लाख रुपये की वृद्धि दर्ज की गई।
प्रशिक्षण के बाद खेती के समय में बदलाव, बेहतर तकनीक अपनाने और बाजार की तलाश से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ।
पुष्पा देवी की सफलता का असर गांव की अन्य महिलाओं पर भी पड़ा। उनके कार्य से प्रेरित होकर समूह की 35 महिलाओं ने फूलों की खेती शुरू की और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया। पुष्पा देवी के परिवार के सहयोग के साथ आत्मा योजना के अंतर्गत बीटीएम एवं एटीएम द्वारा दिए गए मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग ने भी उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुष्पा देवी की सफलता की कहानी बताती है कि वैज्ञानिक प्रशिक्षण, आधुनिक कृषि तकनीक, जैविक खेती और बेहतर बाजार प्रबंधन को अपनाकर किसान अपनी आय के नए रास्ते बना सकते हैं। सामान्य खेती से शुरुआत करने वाली पुष्पा देवी ने फूलों की खेती, वर्मी कम्पोस्ट और सब्जी उत्पादन को आय के अलग-अलग माध्यमों में बदल दिया। उनकी बढ़ी हुई आमदनी परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के साथ ही गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की प्रेरणा बन रही है।