वाराणसी। श्री हरिश्चंद्र इंटर कॉलेज, वाराणसी में शासन की ‘छात्र संवाद’ पहल के तहत विद्यार्थियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला विकास अधिकारी (DDO) श्री विजय कुमार जायसवाल शामिल हुए। उन्होंने कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के साथ सहज माहौल में बातचीत करते हुए उनके सपनों, करियर और भविष्य की योजनाओं को लेकर चर्चा की।
कार्यक्रम में औपचारिक भाषण के बजाय विद्यार्थियों से सीधे सवाल-जवाब किए गए। DDO ने छात्रों से पूछा कि वे भविष्य में क्या बनना चाहते हैं और जीवन में उनके लक्ष्य क्या हैं। इसके बाद करियर चयन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और सही समय पर लक्ष्य निर्धारित करने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
विजय कुमार जायसवाल ने विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य एक बेहतर करियर बनाने के साथ-साथ जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज के प्रति अपनी भूमिका निभाना भी है।
उन्होंने अपने अनुभवों के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि व्यक्ति की पृष्ठभूमि चाहे जैसी भी हो, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर जारी रहे तो सफलता हासिल की जा सकती है।
संवाद की शुरुआत में विद्यार्थियों में कुछ झिझक दिखाई दी, लेकिन धीरे-धीरे सवाल-जवाब का सिलसिला तेज हो गया। छात्रों ने अपने करियर को लेकर आशंकाएं, जिज्ञासाएं और भविष्य के सपने साझा किए।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी से माहौल उत्साहपूर्ण रहा और सभागार तालियों व हंसी-खुशी से गूंजता रहा। अधिकारी ने विद्यार्थियों के सवालों को सहजता से सुना और अपने अनुभवों के आधार पर उनका मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में विद्यालय के प्रधानाचार्य ने मुख्य अतिथि विजय कुमार जायसवाल का आत्मीय स्वागत किया। संवाद कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षकगण भी मौजूद रहे और विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपने भविष्य को लेकर जागरूक करना, सही लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित करना और करियर से जुड़े विषयों पर खुलकर संवाद का अवसर प्रदान करना रहा।
विद्यालय परिवार के अनुसार, इस तरह के संवाद विद्यार्थियों के भीतर आत्मविश्वास, लक्ष्य के प्रति स्पष्टता और सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ‘छात्र संवाद’ के माध्यम से विद्यार्थियों को अधिकारियों से सीधे बातचीत करने और अपने मन की बात रखने का अवसर मिला।