विकसित भारत के निर्माण में गैर सरकारी संगठनों (NGOs) की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए भाजपा काशी क्षेत्र के अध्यक्ष अशोक चौरसिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इस लक्ष्य को जमीन पर उतारने में गैर सरकारी संगठन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। NGOs सरकार और आम जनता के बीच मजबूत सेतु के रूप में काम करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने और उसकी जरूरतों को समझने का कार्य कर रहे हैं।
नारिया स्थित गणेश वर्णी संस्था में दिवि वेलफेयर फाउंडेशन की ओर से आयोजित सामाजिक शक्ति समागम गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे अशोक चौरसिया ने विकसित भारत के निर्माण में NGOs की भूमिका पर विचार व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि सरकार गरीब, वंचित और जरूरतमंद वर्गों के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है। इन योजनाओं का वास्तविक लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में गैर सरकारी संगठनों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। NGOs जमीनी स्तर पर लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को समझते हैं और उनके समाधान के लिए काम करते हैं।
उन्होंने कहा कि गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, कौशल विकास और महिला सशक्तीकरण जैसे क्षेत्रों में गैर सरकारी संगठन महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। दूर-दराज के क्षेत्रों और ऐसे वर्गों तक भी इन संस्थाओं की पहुंच है, जहां सरकारी योजनाओं की जानकारी या उनका लाभ अपेक्षाकृत कम पहुंच पाता है।
अशोक चौरसिया ने कहा कि शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में NGOs का योगदान महत्वपूर्ण है। गैर सरकारी संगठन वंचित और जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के साथ युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी देश के विकास की बुनियाद उसके मानव संसाधन के विकास पर निर्भर करती है। ऐसे में शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में NGO क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूती दे सकती है।
उन्होंने महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जोड़ने के प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ जागरूकता अभियानों के माध्यम से उन्हें उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं और स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी दी जा रही है।
गोष्ठी में विशिष्ट अतिथि भाजपा दिव्यांग प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक एवं भाजपा काशी क्षेत्र कार्यसमिति के सदस्य डॉ. उत्तम ओझा ने कहा कि सरकारी नीतियों और योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में गैर सरकारी संगठन मददगार साबित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि NGOs समाज के विभिन्न वर्गों के बीच लगातार काम करते हैं और जमीनी स्तर पर लोगों की समस्याओं को समझते हैं। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी गैर सरकारी संगठनों की भूमिका महत्वपूर्ण है। वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण और सतत ऊर्जा के प्रति जागरूकता फैलाने के साथ ये संस्थाएं लोगों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाने का काम कर रही हैं।
डॉ. उत्तम ओझा ने कहा कि NGOs जमीनी स्तर पर सामने आने वाली वास्तविक समस्याओं और जरूरतों को सरकार तक पहुंचाते हैं। इससे सरकारी नीतियों और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिलती है। उन्होंने सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाले संगठनों के प्रयासों को प्रोत्साहित किए जाने पर जोर दिया।
सामाजिक शक्ति समागम में वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में सामाजिक कार्यों से जुड़े कई गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। इनमें भगवान दास फाउंडेशन, जय हो फाउंडेशन, काशियाना फाउंडेशन, अनुशीला फाउंडेशन, रोटी बैंक, मालवीय हेल्पिंग हैंड्स, मालवीय सेवा संस्थान ट्रस्ट और अनमोल सेवा संस्थान सहित अन्य संगठन शामिल रहे।
कार्यक्रम में विकसित भारत के निर्माण में NGOs की भूमिका, कमजोर एवं वंचित वर्गों तक पहुंच, शिक्षा एवं कौशल विकास, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, महिला सशक्तीकरण, पर्यावरण संरक्षण तथा सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
इस दौरान सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय संस्थाओं के बीच समन्वय और सहयोग को और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
कार्यक्रम में भाजपा काशी क्षेत्र के अध्यक्ष अशोक चौरसिया, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अमित राय, क्षेत्र महामंत्री अनूप जायसवाल, भाजपा दिव्यांग प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ. उत्तम ओझा, प्रो. जगदीश राय, प्रो. के.के. सिंह, दयाशंकर मिश्रा, बीरभद्र सिंह, सुमित अंकुर सिंह, आशीष गुप्ता और शैलेंद्र मिश्रा सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन दिवि वेलफेयर फाउंडेशन की ओर से किया गया।