वाराणसी। नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमैन (NFIR) ने भारतीय रेलवे और रेल कर्मचारियों के हित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर अपनी 14 सूत्रीय मांगें प्रमुखता से उठाई हैं। संगठन का कहना है कि इन मांगों के पूरा होने से रेल कर्मचारियों के कार्य एवं जीवन स्तर में सुधार होगा तथा रेलवे की संरक्षा एवं कार्यक्षमता भी बढ़ेगी।
NFIR ने मांग की है कि नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) को समाप्त कर सभी रेल कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल की जाए। संगठन का तर्क है कि NPS सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक सुरक्षा की पूर्ण गारंटी नहीं देता।
रेलवे में बड़ी संख्या में पद रिक्त होने से कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ रहा है। ट्रैकमैन, लोको पायलट, स्टेशन मास्टर और सिग्नलिंग स्टाफ जैसे संरक्षा श्रेणियों के पदों को तत्काल भरे जाने की मांग की गई है।
महंगाई को देखते हुए कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और न्यूनतम वेतन में संशोधन के लिए केंद्र सरकार से शीघ्र 8वें वेतन आयोग को लागू करने की मांग की गई है।
संगठन ने रेलवे की उत्पादन इकाइयों, विभागों और ट्रेनों के निजीकरण एवं निगमीकरण की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है।
लोको पायलटों और सहायक लोको पायलटों की लंबी ड्यूटी अवधि को कम करने, बेहतर विश्राम सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा रनिंग अलाउंस में सुधार की मांग उठाई गई है।
कोविड-19 अवधि के दौरान रोके गए 18 माह के महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) एरियर का भुगतान करने की मांग की गई है।
रेलवे कॉलोनियों की स्थिति में सुधार, रेलवे अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार तथा रेफरल प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की गई है।
NFIR ने वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराये में मिलने वाली रियायत को पुनः शुरू करने की मांग की है।
वाराणसी स्थित उत्तर रेलवे स्वास्थ्य केंद्र को उन्नत करने और एम्बुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
बनारस लोकोमोटिव वर्क्स (BLW) में कर्मचारियों की छंटनी रोकने तथा नई भर्ती शुरू करने की मांग की गई है।
NFIR ने रेलवे बोर्ड से आग्रह किया है कि BLW के कुशल कर्मचारियों की क्षमता का उपयोग करते हुए उन्हें नए रेल इंजनों के उत्पादन का पर्याप्त लक्ष्य दिया जाए।
वर्ष 2026-27 के लिए भी BLW कर्मचारियों को इंसेंटिव स्कीम का लाभ जारी रखने हेतु रेलवे बोर्ड से शीघ्र आदेश जारी करने की मांग की गई है।
BLW कॉलोनी के एक हिस्से में प्रस्तावित मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने पर विचार करने की मांग की गई है, ताकि कर्मचारियों के आवास प्रभावित न हों।
चिकित्सकों की ओपीडी संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए HMIS ऐप में आवश्यक बदलाव की मांग की गई है।
NFIR के जोनल सेक्रेटरी एस. पी. श्रीवास्तव ने कहा कि संगठन रेलवे कर्मचारियों के हितों, संरक्षा और बेहतर कार्य परिस्थितियों के लिए लगातार आवाज उठाता रहेगा तथा इन मांगों को रेलवे बोर्ड एवं केंद्र सरकार के समक्ष प्रमुखता से उठाया जाएगा।