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काशी विश्वनाथ धाम से मथुरा के लड्डू गोपाल के लिए भेजा गया जन्माष्टमी का उपहार



 03/Sep/26

काशी-मथुरा के बीच आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान की परंपरा को मिला विस्तार, 15 देशों के 100 से अधिक मंदिरों के शुभकामना संदेश भी भेजे गए

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर काशी और मथुरा के बीच आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में श्री काशी विश्वनाथ धाम की ओर से विशेष पहल की गई। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा भगवान श्री लड्डू गोपाल के लिए विशेष भेंट एवं उपहार सामग्री श्रीकृष्ण जन्मस्थान, मथुरा के लिए श्रद्धापूर्वक प्रेषित की गई।

जन्माष्टमी से पूर्व बुधवार को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में भगवान श्री विश्वेश्वर महादेव के समक्ष विशेष उपहार सामग्री का विधि-विधान से पूजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बाद सामग्री को भगवान विश्वनाथ को समर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया गया। इसके बाद इसे श्रीकृष्ण जन्मस्थान, मथुरा के लिए रवाना किया गया। कार्यक्रम में मंदिर न्यास के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

2024 में शुरू हुई थी परंपरा

काशी और मथुरा के बीच इस विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान की शुरुआत वर्ष 2024 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर हुई थी। तब श्री काशी विश्वनाथ धाम की ओर से भगवान श्री विश्वेश्वर की ओर से मथुरा स्थित श्री लड्डू गोपाल के लिए भेंट भेजी गई थी। इसके बाद रंगभरी एकादशी के अवसर पर भी दोनों तीर्थों के बीच भेंट और श्रद्धा संदेशों का आदान-प्रदान किया गया।

मंदिर न्यास के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य देश के प्रमुख तीर्थों एवं मंदिरों के बीच आध्यात्मिक संवाद, सांस्कृतिक समन्वय और पारस्परिक श्रद्धा के संबंधों को मजबूत करना है।

15 देशों के 100 से अधिक मंदिरों के संदेश भी पहुंचे

इस वर्ष इस पहल को और व्यापक स्वरूप दिया गया है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा संस्थागत नॉलेज पार्टनर टेम्पल कनेक्ट के सहयोग से देश-विदेश के विभिन्न देवालयों से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शुभकामना संदेश प्राप्त किए जा रहे हैं। अब तक करीब 15 देशों के 100 से अधिक देवालयों से शुभकामना संदेश प्राप्त हो चुके हैं। इन संदेशों को भेंट सामग्री के साथ श्रीकृष्ण जन्मस्थान न्यास, मथुरा को प्रेषित किया गया है।

मंदिर न्यास के अनुसार, वर्ष 2024 में शुरू हुई इस पहल को देश और विदेश के विभिन्न मंदिरों एवं धार्मिक संस्थाओं से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। जन्माष्टमी के अवसर पर विभिन्न मंदिरों और धार्मिक संस्थानों से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास को लगातार शुभकामना संदेश प्राप्त होना इस पहल की व्यापक स्वीकार्यता को दर्शाता है।

मथुरा महोत्सव में शामिल होंगे मुख्य कार्यपालक अधिकारी

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी स्वयं मथुरा में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में शामिल होंगे। इस दौरान श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता कर काशी विश्वनाथ धाम और श्रीकृष्ण जन्मस्थान के बीच स्थापित आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा को और मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।

मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने मंदिर न्यास के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ऐसे धार्मिक, सांस्कृतिक एवं जनहितकारी नवाचारों को निरंतर आगे बढ़ाने तथा उन्हें स्थायी स्वरूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन परंपराओं की श्रृंखला भविष्य में बाधित नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी इस परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए सहयोग का संकल्प व्यक्त किया।

काशी और मथुरा भारतीय सनातन संस्कृति एवं आध्यात्मिक चेतना के दो प्रमुख केंद्र हैं। भगवान शिव और श्रीकृष्ण के प्रति श्रद्धा के माध्यम से दोनों तीर्थों के बीच विकसित हो रही यह परंपरा धार्मिक सौहार्द, सांस्कृतिक समन्वय और सनातन एकात्मता का संदेश दे रही है।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने देशवासियों एवं श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्रीकृष्ण एवं बाबा विश्वनाथ से समस्त विश्व के कल्याण, सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

॥ श्री काशीविश्वनाथो विजयतेतराम ॥


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