सीवर और पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की बदहाल स्थिति को नगर निगम ने गंभीरता से लिया है। बरसात थमते ही शहर की ऐसी सभी सड़कों का रेस्टोरेशन कार्य अभियान चलाकर पूरा कराया जाएगा। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 10 से 20 सितंबर के बीच सभी लंबित रेस्टोरेशन कार्य हर हाल में पूरे कराए जाएं।
भेलूपुर स्थित जलकल विभाग में सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक में नगर आयुक्त ने निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि 20 सितंबर को दोबारा समीक्षा बैठक होगी, जिसमें कार्यों की प्रगति की जांच की जाएगी। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों और अभियंताओं की जवाबदेही तय करते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा के दौरान सामने आया कि कई स्थानों पर निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन संबंधित कनिष्ठ अभियंताओं द्वारा समय से मेजरमेंट बुक (एमबी) में प्रविष्टि नहीं की जा रही है। इसके कारण पूर्ण कार्यों की फाइलें लंबित हैं। इस पर नगर आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए 15 सितंबर तक सभी पूर्ण कार्यों की एमबी दर्ज कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने अभियंताओं को चेतावनी दी कि कार्य पूरा होने के बाद भी फाइलों को लंबित रखना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। निर्धारित समयसीमा में कार्य और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
नगर आयुक्त ने जलकल विभाग के ओवरहेड टैंक (ओएचटी) परिसरों की सुरक्षा और रखरखाव पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने सभी परिसरों की टूटी बाउंड्री वॉल, इंटरलॉकिंग और टोंटियों की आवश्यकतानुसार मरम्मत कराने के निर्देश दिए।
जिन ओएचटी परिसरों में चारदीवारी क्षतिग्रस्त है या अतिक्रमण की शिकायतें हैं, वहां तत्काल अतिक्रमण हटाकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को कहा गया। इसके साथ ही 15वें वित्त आयोग और अन्य योजनाओं के तहत स्वीकृत निर्माण कार्यों को भी समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के निर्देश दिए गए।
नगर आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि शहर की सड़कों, पेयजल और सीवर से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।