वाराणसी। गंगा नदी के जलस्तर में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) के राजघाट, वाराणसी गेज साइट से जारी आंकड़ों के अनुसार 1 सितंबर 2026 को सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर 70.27 मीटर दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे के दौरान गंगा के जलस्तर में 37 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। जलस्तर में हुई इस बढ़ोतरी के बाद नदी का पानी निर्धारित चेतावनी स्तर को पार कर गया है।
केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक राजघाट, वाराणसी में गंगा का चेतावनी स्तर 70.262 मीटर निर्धारित है। इसके मुकाबले आज सुबह गंगा का जलस्तर 70.27 मीटर दर्ज किया गया, यानी नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से करीब 0.8 सेंटीमीटर ऊपर है।
हालांकि, मौजूदा जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है। गंगा का खतरे का स्तर 71.262 मीटर निर्धारित है, जबकि वर्तमान जलस्तर 70.27 मीटर है। इस लिहाज से गंगा का पानी खतरे के निशान से करीब 99.2 सेंटीमीटर नीचे है। फिलहाल जलस्तर खतरे के स्तर तक नहीं पहुंचा है, लेकिन पिछले 24 घंटे में 37 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी के कारण स्थिति पर लगातार नजर रखना जरूरी है।
24 घंटे में 37 सेंटीमीटर बढ़ा जलस्तर
गंगा के जलस्तर में बीते 24 घंटे में 37 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह बढ़ोतरी नदी के जलस्तर में जारी बदलाव को दर्शाती है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट में हालांकि जलस्तर का वर्तमान ट्रेंड 'Steady' यानी स्थिर बताया गया है।
इसका मतलब है कि रिपोर्ट तैयार किए जाने के समय जलस्तर में तत्काल उतार-चढ़ाव का रुझान स्थिर था। इसके बावजूद 24 घंटे में दर्ज हुई 37 सेंटीमीटर की वृद्धि को देखते हुए आने वाले समय में जलस्तर की स्थिति पर निगरानी बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
चेतावनी और खतरे के स्तर के बीच स्थिति
राजघाट गेज साइट पर गंगा के जलस्तर के लिए निर्धारित प्रमुख मानक इस प्रकार हैं। चेतावनी स्तर 70.262 मीटर, जबकि खतरे का स्तर 71.262 मीटर है। वर्तमान जलस्तर 70.27 मीटर है।
इस आंकड़े के आधार पर गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर को मामूली रूप से पार कर चुका है, लेकिन खतरे के स्तर से अभी लगभग एक मीटर नीचे है। यदि जलस्तर में इसी तरह लगातार वृद्धि होती है तो आगे की स्थिति महत्वपूर्ण हो सकती है।
33.6 मिमी बारिश भी दर्ज
गंगा के जलस्तर से संबंधित रिपोर्ट में 33.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज होने की जानकारी भी दी गई है। बारिश और नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव को देखते हुए संबंधित विभागों द्वारा स्थिति पर नजर बनाए रखना जरूरी है।
H.F.L. 73.901 मीटर
केंद्रीय जल आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार राजघाट, वाराणसी गेज साइट पर गंगा का उच्चतम बाढ़ स्तर (H.F.L.) 73.901 मीटर दर्ज है। वर्तमान जलस्तर 70.27 मीटर है, जो ऐतिहासिक उच्चतम बाढ़ स्तर से अभी काफी नीचे है।
फिलहाल गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर और खतरे के स्तर से नीचे है। ऐसे में नदी के किनारे रहने वाले लोगों और निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। जलस्तर में आगे होने वाले बदलाव के आधार पर स्थिति में परिवर्तन हो सकता है।
गंगा जलस्तर की पूरी स्थिति
तारीख: 1 सितंबर 2026
समय: सुबह 8:00 बजे
नदी: गंगा
गेज साइट: राजघाट, वाराणसी, CWC
आज का जलस्तर: 70.27 मीटर
चेतावनी स्तर: 70.262 मीटर
खतरे का स्तर: 71.262 मीटर
H.F.L. (उच्चतम बाढ़ स्तर): 73.901 मीटर
24 घंटे में बढ़ोतरी: 37 सेंटीमीटर
ट्रेंड: स्थिर (Steady)
वर्षा: 33.6 मिलीमीटर
क्लाउन टाइम्स डेस्क: गंगा के जलस्तर में दर्ज हुई बढ़ोतरी को देखते हुए नदी के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा जलस्तर पर लगातार निगरानी बनाए रखना महत्वपूर्ण है। लोगों को नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए अनावश्यक रूप से घाटों और नदी के किनारे जाने से बचना चाहिए तथा स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी किसी भी चेतावनी या दिशा-निर्देश का पालन करना चाहिए।