ताज गैंगेज में 56वें अधिवेशन के समापन पर पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री को बताया देश का ‘ग्रोथ इंजन’; 22 राज्यों और 20 देशों के 1500 प्रतिनिधि हुए शामिल
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल आने वाले पर्यटकों को प्रकृति के करीब रखने पर सरकार का विशेष जोर है। हिमालय की गोद में स्वच्छ हवा और प्राकृतिक वातावरण पर्यटकों को बेहतर अनुभव देने के साथ स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में एयर कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। धर्मशाला में एयरोसिटी का काम अंतिम चरण में है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल में रहने योग्य जमीन सीमित है और करीब 30 प्रतिशत जमीन ही उपलब्ध है। इसके बावजूद बड़े होटल और रेस्टोरेंट समूहों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के करीब आकर निवेश करने वाले सभी निवेशकों का हिमाचल में स्वागत है।
सम्मेलन में एफएचआरएआई अध्यक्ष सुरेंद्र जायसवाल और आयोजन सचिव गरिश ओबेरॉय ने मुख्यमंत्री सुक्खू का गुलाबी मीनाकारी के स्मृति चिह्न से स्वागत किया।
एफएचआरएआई के समापन सत्र के मुख्य अतिथि केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री सामान्य उद्योग नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली प्रमुख इंडस्ट्री है। यह देश के विकास का ग्रोथ इंजन है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने आगामी वर्षों में जीडीपी में पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र की हिस्सेदारी को बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। पिछले एक दशक में सरकार के प्रयासों से होटल इंडस्ट्री में संभावनाओं का विस्तार हुआ है, जिसका लाभ देश के नागरिकों को मिल रहा है। एफएचआरएआई के प्रयासों से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
शेखावत ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र के सामने जितनी संभावनाएं हैं, उतनी ही चुनौतियां भी हैं। सरकार का प्रयास है कि उद्योग पर केवल जिम्मेदारियां न डाली जाएं, बल्कि उसे आवश्यक संसाधन और अनुकूल वातावरण भी उपलब्ध कराया जाए। सरकार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि काशी में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का स्वागत यहां की परंपरा करती है।
मेवाड़ राजघराने के महाराजा लक्ष्यराज सिंह ने कहा कि भारत में डेस्टिनेशन वेडिंग का चलन तेजी से बढ़ रहा है और आज इटली की तुलना में भारत में अधिक डेस्टिनेशन वेडिंग आयोजित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत उनके परिवार की ओर से भी की गई थी।
एफएचआरएआई अध्यक्ष सुरेंद्र जायसवाल ने कहा कि काशी में आयोजित सम्मेलन अभूतपूर्व सफलता के साथ संपन्न हुआ। सम्मेलन में 22 राज्यों और करीब 20 देशों से लगभग 1500 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। आयोजन सचिव गरिश ओबेरॉय ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान देशभर के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट के 56 छात्रों को सम्मानित किया गया।
सम्मेलन में भारत में श्रीलंका की हाई कमिश्नर महिशिनी कोलोन ने भारत और श्रीलंका के बीच पर्यटन एवं आपसी संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देश करीबी पड़ोसी हैं और उनके संबंध बेहद अच्छे हैं। एफएचआरएआई का यह आयोजन दोनों देशों को और करीब लाने का माध्यम बन सकता है।
उन्होंने बताया कि हर वर्ष करीब 2.80 लाख श्रीलंकाई भारत आते हैं, जबकि लगभग पांच लाख भारतीय श्रीलंका जाते हैं। उन्होंने दोनों देशों में निवेश बढ़ाने और लोगों के बीच आपसी संबंध मजबूत करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में इस संख्या को दोगुना करने का प्रयास किया जाना चाहिए। इस दौरान सस्टेनेबल एवं रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म की प्रमुख अंकिता जायसवाल ने उनके साथ संवाद किया।
सम्मेलन में ETS (TOEIC Program) और एफएचआरएआई की ओर से संयुक्त रूप से ‘जॉब रेलेवेंट इंग्लिश कम्युनिकेशन नीड्स फॉर हॉस्पिटैलिटी रोल्स इन इंडिया’ रिपोर्ट जारी की गई। रिपोर्ट का उद्देश्य हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से जुड़े लोगों को विभिन्न जॉब रोल्स में आवश्यक अंग्रेजी भाषा के स्तर और संचार कौशल को समझने में मदद करना है।
रिपोर्ट एफएचआरएआई अध्यक्ष सुरेंद्र जायसवाल, ETS के ग्लोबल महाप्रबंधक रत्नेश झा और रीजनल डायरेक्टर अजय प्रताप सिंह ने जारी की।
सम्मेलन स्थल पर लगाए गए एक्सपो का निरीक्षण करते हुए हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ओडीओपी के तहत लगाए गए बनारसी पान के स्टॉल पर पहुंचे। उन्होंने यहां मीठे बनारसी पान का स्वाद लिया। वहीं मध्य प्रदेश टूरिज्म के स्टॉल पर एबीटीओ के अध्यक्ष कौलेश कुमार ने मुख्यमंत्री का स्वागत कर उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किया।