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रवींद्रपुरी कल्याण समिति का रक्तदान शिविर सम्पन्न



 24/Aug/26

60 से अधिक लोगों ने किया रक्तदान, मानव सेवा का दिया प्रेरणादायी संदेश


रवींद्रपुरी कल्याण समिति, वाराणसी के तत्वावधान में रविवार को लेन नंबर 17, रवींद्रपुरी स्थित शाह नर्सिंग होम में विशेष रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर में 60 से अधिक लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता की सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ समाज में नियमित रक्तदान के प्रति जागरूकता, संवेदनशीलता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करना रहा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, वाराणसी रहे। उन्होंने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि रक्तदान एक ऐसी महान सेवा है, जिसका प्रत्यक्ष लाभ किसी जरूरतमंद मरीज के जीवन को मिल सकता है। उन्होंने स्वस्थ एवं पात्र नागरिकों से नियमित रूप से रक्तदान करने तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

शिविर के आयोजन में शाह नर्सिंग होम की डॉ. रूबी शाह का विशेष सहयोग एवं सहभागिता रहा। उन्होंने रक्तदाताओं की आवश्यक स्वास्थ्य जांच, चिकित्सा संबंधी व्यवस्थाओं तथा शिविर के सुचारु संचालन में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। समिति ने उनके समर्पित सहयोग के लिए विशेष रूप से आभार व्यक्त किया।

रवींद्रपुरी कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री अनुज डीडवानिया ने कहा कि रक्तदान महज एक सामाजिक गतिविधि नहीं, बल्कि सीधे तौर पर जीवन बचाने वाली सेवा है। रक्त की आवश्यकता किसी भी व्यक्ति को कभी भी पड़ सकती है और ऐसे समय में स्वैच्छिक रक्तदाता किसी परिवार के लिए जीवनदायी संबल बनते हैं। उन्होंने सभी रक्तदाताओं एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समिति भविष्य में भी समाजोपयोगी एवं जनसेवा से जुड़े ऐसे कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाती रहेगी।

रक्तदान शिविर के संयोजन में श्री अजीत बजाज का विशेष योगदान रहा। उनके सक्रिय प्रयासों एवं समर्पित सहयोग से रक्तदाताओं को प्रेरित करने, अधिक से अधिक लोगों को शिविर से जोड़ने तथा आयोजन की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित एवं सुचारु रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण सहायता मिली।

इस शिविर की विशेषता यह रही कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय के रक्तबैंक के साथ-साथ महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर सेंटर के रक्तबैंक की टीम को भी रक्त संग्रह के लिए आमंत्रित किया गया। कैंसर सहित विभिन्न गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के उपचार में रक्त एवं रक्त अवयवों की आवश्यकता को देखते हुए दोनों संस्थानों की सहभागिता ने इस सेवा अभियान को और अधिक व्यापक एवं सार्थक बनाया।

शिविर में रवींद्रपुरी एवं आसपास के क्षेत्र के निवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। 60 से अधिक रक्तदाताओं द्वारा स्वेच्छा से किया गया रक्तदान समाज में सेवा, संवेदना और सहयोग की मजबूत भावना का परिचायक रहा। रक्तदाताओं के लिए आवश्यक स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय निगरानी, विश्राम तथा जलपान की समुचित व्यवस्था समिति द्वारा की गई।

शिविर का एक विशेष प्रेरणादायी क्षण तब आया, जब श्री संदीप प्रह्लादका ने अपना 25वाँ रक्तदान किया। नियमित रक्तदान के प्रति उनका समर्पण समाज के अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बना। उनका यह योगदान इस संदेश को मजबूत करता है कि स्वस्थ व्यक्ति यदि नियमित रूप से रक्तदान को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा बनाएं, तो जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सहायता मिल सकती है।

कार्यक्रम के दौरान यह संदेश प्रमुखता से दिया गया कि रक्त की कोई जाति, धर्म या पहचान नहीं होती, रक्तदान केवल मानवता की पहचान है। किसी जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचने वाला रक्त न केवल उसके जीवन की रक्षा करता है, बल्कि उसके परिवार में आशा, विश्वास और मुस्कान भी लौटाता है।

रवींद्रपुरी कल्याण समिति ने कार्यक्रम की सफलता के लिए मुख्य अतिथि डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. रूबी शाह, पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर सेंटर की रक्तबैंक टीमों, सभी रक्तदाताओं, श्री अजीत बजाज तथा कार्यक्रम में उपस्थित एवं सहयोग प्रदान करने वाले अमृता शाही, अमित कुमार अग्रवाल, हर्ष बजाज, डॉ. चेतन शाह एवं नेहा शाह सहित सभी सदस्यों, सहयोगियों एवं क्षेत्रवासियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।

समिति ने विश्वास व्यक्त किया कि रक्तदान जैसे सेवा कार्य समाज में परस्पर सहयोग, मानवीय संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को और मजबूत करेंगे तथा भविष्य में भी रवींद्रपुरी कल्याण समिति इसी सेवा-भाव के साथ जनहित के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाती रहेगी।

“बूंद-बूंद से बनता सागर,
वैसे ही रक्त से बचता जीवन।
न जात देखता, न धर्म पूछता
रक्तदान केवल मानवता पहचानता है।”

 


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