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एफएचआरएआई सम्मेलन के दूसरे दिन पर्यटन विकास और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर जोर



 23/Aug/26

उत्तर प्रदेश को लेकर बदली दुनिया की सोच, पर्यटन क्षेत्र में निवेश के लिए आगे आएं उद्यमी : जयवीर सिंह

वाराणसी। फेडरेशन ऑफ होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एफएचआरएआई) के 56वें वार्षिक अधिवेशन ‘अनंत काशी’ के दूसरे दिन शनिवार को नदेसर स्थित होटल ताज गैंगेज में पर्यटन विकास, होटल उद्योग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। सम्मेलन में देश-विदेश से करीब 1500 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी, केंद्रीय पर्यटन सचिव भुवनेश कुमार, ओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रविता परिडा और थाईलैंड की राजदूत चवनार्ट थांगसुम्फत समेत कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं।

मुख्य अतिथि पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश को लेकर पूरी दुनिया की सोच बदली है। इसका श्रेय केंद्र और प्रदेश सरकार के संयुक्त प्रयासों को जाता है। सरकार की नीतियों से प्रदेश में सुरक्षा और निवेश का माहौल बेहतर हुआ है, जिसके चलते पर्यटक और होटल उद्योग से जुड़े उद्यमी उत्तर प्रदेश की ओर आकर्षित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की पर्यटन नीति का लाभ गांवों में होम स्टे संचालकों से लेकर बड़े होटल उद्यमियों तक को मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रयासों से काशी का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। सारनाथ को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया जाना प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि और पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण अवसर है। सरकार प्रदेश में 12 तरह के पर्यटन एवं धार्मिक सर्किट विकसित करने पर काम कर रही है। उन्होंने होटल एवं पर्यटन उद्योग से जुड़े उद्यमियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने देशभर में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। काशी और अयोध्या का दुनिया के प्रमुख पर्यटक शहरों में शामिल होना प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। होटल इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने टूरिज्म गाइडलाइंस को सरल बनाया है। साथ ही वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।

केंद्रीय पर्यटन सचिव भुवनेश कुमार ने कहा कि भारत ने पिछले एक दशक में पर्यटन के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। देश में एयरपोर्ट की संख्या 74 से बढ़कर 170 हो गई है। बेहतर हाईवे और कनेक्टिविटी ने पर्यटन को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में अर्थव्यवस्था में पर्यटन क्षेत्र का योगदान करीब 5-6 प्रतिशत है। इसे 30-35 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सके तो भारत के आर्थिक विकास को और बड़ी गति मिल सकती है।

सम्मेलन के दौरान उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव पर्यटन अमृत अभिजीत ने प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र पर पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन भी दिया। अतिथियों का स्वागत एफएचआरएआई के अध्यक्ष सुरेंद्र जायसवाल ने किया, जबकि आयोजन सचिव गरिश ओबेरॉय ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

ओडिशा में तैयार हो रहे नए पर्यटन स्थल : प्रविता परिडा

ओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रविता परिडा ने कहा कि राज्य में महाप्रभु जगन्नाथ के रूप में बड़ा धार्मिक पर्यटन केंद्र पहले से मौजूद है। इसके साथ ही नए पर्यटन स्थलों को विकसित किया जा रहा है। एडवेंचर टूरिज्म को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि पर्यटक ओडिया संस्कृति और आतिथ्य का अनुभव कर सकें। उन्होंने कहा कि विकसित ओडिशा ही विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

थाईलैंड की राजदूत ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर दिया जोर

थाईलैंड की राजदूत चवनार्ट थांगसुम्फत ने भारतीय और थाई संस्कृति के बीच आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की जरूरत बताई। उन्होंने भारतीयों को थाईलैंड की संस्कृति को करीब से जानने और समझने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि थाईलैंड में बनारसी साड़ियों की काफी मांग है, वहीं थाईलैंड के बौद्ध धर्म से जुड़े सांस्कृतिक प्रतीक भी भारतीय पर्यटकों को आकर्षित कर सकते हैं। उन्होंने एफएचआरएआई के साथ व्यापक स्तर पर सहयोग की आवश्यकता जताई।

नमो घाट पर गंगा आरती से अभिभूत हुए डेलीगेट्स

सम्मेलन के दूसरे दिन देश-विदेश से आए डेलीगेट्स ने नमो घाट पर गंगा आरती का आनंद लिया। प्रतिनिधियों ने क्रूज से गंगा आरती देखी और मां गंगा की भव्य छटा को अपने कैमरों में कैद किया। इसके बाद डेलीगेशन ने होटल हिल्टन में आयोजित फैशन शो और शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम का भी आनंद लिया।


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