वाराणसी, 17 अगस्त 2026। नाग पंचमी के अवसर पर सोमवार को शहर उत्तरी विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख अखाड़ों में पारंपरिक कुश्ती दंगल का आयोजन किया गया। इस बार इन अखाड़ों में पहलवानों ने मिट्टी के पारंपरिक मैदान के साथ-साथ आधुनिक गद्दे/मैट पर अपने दांव-पेंच और कुश्ती कौशल का प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश सरकार के स्टाम्प एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं शहर उत्तरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक रविन्द्र जायसवाल ने अपनी विधायक निधि से क्षेत्र के पांच प्रमुख अखाड़ों को लगभग 30 लाख रुपये की लागत से कुश्ती के गद्दे उपलब्ध कराए। नाग पंचमी के अवसर पर इन्हीं गद्दों पर दंगल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी कराया गया।
मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने इस अवसर पर स्वयं विभिन्न अखाड़ों में पहुंचकर पहलवानों को गद्दे सौंपे और आयोजित कुश्ती दंगल प्रतियोगिताओं को देखा। उन्होंने पहलवानों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि कुश्ती केवल एक खेल नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध परंपरा, संस्कृति और विरासत का अभिन्न हिस्सा है। काशी के अखाड़ों की अपनी विशिष्ट पहचान रही है और यहां से अनेक पहलवानों ने कुश्ती के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।
उन्होंने कहा कि योगी सरकार युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करते हुए उन्हें बेहतर संसाधन और उचित मंच उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए शहर उत्तरी विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख अखाड़ों को आधुनिक कुश्ती गद्दे उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि स्थानीय पहलवानों को अभ्यास और प्रतियोगिता के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
मंत्री ने बताया कि महावीर मंदिर अर्दली बाजार, फलाहारी बाबा अखाड़ा शिवपुर, स्वास्तिक व्यायामशाला ढेलवरिया, चतुरी पहलवान व्यायामशाला सहित क्षेत्र के पांच प्रमुख अखाड़ों को विधायक निधि से लगभग 30 लाख रुपये की लागत से कुश्ती के गद्दे उपलब्ध कराए गए हैं। इन अखाड़ों में नाग पंचमी के अवसर पर इन्हीं गद्दों पर परंपरागत कुश्ती दंगल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
दंगल में स्थानीय और क्षेत्रीय पहलवानों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। अखाड़ों में कुश्ती देखने के लिए बड़ी संख्या में खेल प्रेमी और स्थानीय लोग भी पहुंचे। पहलवानों के दांव-पेंच, पकड़ और जोरदार मुकाबलों ने दर्शकों में खासा उत्साह पैदा किया। पारंपरिक अखाड़े के माहौल में आधुनिक कुश्ती मैट पर आयोजित मुकाबलों ने आयोजन को और भी आकर्षक बना दिया।
रविन्द्र जायसवाल ने कहा कि गद्दे/मैट पर आयोजित होने वाले इन दंगलों के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी खेल क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। इससे युवा पहलवानों को बेहतर प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही नई पीढ़ी को कुश्ती जैसे पारंपरिक भारतीय खेल की ओर आकर्षित करने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन कराना ही नहीं, बल्कि युवाओं को ऐसी सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जिससे वे नियमित अभ्यास कर सकें और अपनी प्रतिभा को बेहतर तरीके से निखार सकें। पारंपरिक अखाड़ों को आधुनिक खेल सुविधाओं से जोड़कर युवा पहलवानों को प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के लिए तैयार किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि शहर उत्तरी विधानसभा क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक सुविधाओं के विकास का कार्य निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है। जरूरत केवल उन्हें उचित संसाधन, प्रशिक्षण और मंच उपलब्ध कराने की है। इसी दिशा में अखाड़ों को कुश्ती गद्दे उपलब्ध कराना एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि काशी की पहचान धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी के साथ-साथ खेल और अखाड़ों की परंपरा के लिए भी रही है। यहां की कुश्ती परंपरा को आधुनिक सुविधाओं के साथ जोड़ने से युवा पहलवानों को इसका लाभ मिलेगा और काशी के अखाड़ों से निकलने वाली प्रतिभाओं को बड़े मंच पर अपनी पहचान बनाने का अवसर प्राप्त होगा।
नाग पंचमी के अवसर पर आयोजित इन दंगलों ने काशी की पारंपरिक अखाड़ा संस्कृति और आधुनिक खेल सुविधाओं के समन्वय की एक नई तस्वीर पेश की। पहलवानों ने मैट पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया तो वहीं दर्शकों ने पूरे उत्साह के साथ उनका हौसला बढ़ाया। आयोजन के दौरान अखाड़ों से जुड़े पदाधिकारियों, पहलवानों और स्थानीय लोगों ने भी खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए मंत्री रविन्द्र जायसवाल के प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम में आयुष जायसवाल, प्रदीप सोनकर (अध्यक्ष), अरविन्द सिंह, अशोक मौर्या, मनोज सोनकर, तारा प्रसाद सोनकर, संतोष कुमार यादव, सदीप रघुवंशी, दिनेश यादव, मदन पहलवान, बीके त्रिपाठी, सुनील शर्मा, अनिल शाव, मुरली (उपाध्यक्ष), अमित कुमार मौर्या सहित अन्य लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।