गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए नावों का संचालन बंद कर दिया गया है। संवेदनशील घाटों और आवागमन वाले मार्गों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को भीड़ बढ़ने की स्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई और निर्बाध यातायात सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए मंदिर की ओर जाने वाले कुछ मार्गों को सुरक्षा कारणों से बंद किया गया है। श्रद्धालुओं के लिए निर्धारित चार प्रमुख प्रवेश द्वारों से दर्शन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें नन्दू फेरिया, बांस फाटक, त्रिपुरा भैरवी गली और सिल्को गली गेट शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों को इन मार्गों पर लगातार निगरानी रखने और श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त ने कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं से सीधे संवाद कर उनकी कुशलक्षेम जानी। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि गंगा स्नान और जल लेने के दौरान फ्लोटिंग वाटर बैरिकेडिंग के अंदर निर्धारित सुरक्षित क्षेत्र में ही रहें।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस बल को लगातार सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
कांवड़ मार्ग और प्रमुख संपर्क मार्गों पर यातायात में बाधा बनने वाले अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और अन्य अवरोधों को तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए हैं। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया है।
भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, लगातार निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पुलिस आयुक्त ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं के साथ सद्भावपूर्ण, सहयोगात्मक और सम्मानजनक व्यवहार करने के निर्देश दिए। महिला श्रद्धालुओं की चेकिंग केवल महिला पुलिसकर्मियों से नियमानुसार कराने और सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि भीड़ बढ़ने की स्थिति में तत्काल समन्वित कार्रवाई करते हुए सुरक्षित दर्शन, स्नान और सुगम आवागमन सुनिश्चित किया जाए।
श्रावण के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के अवसर पर 17 अगस्त को कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के स्वागत में हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की जाएगी। इससे काशी में पर्व का उत्साह और बढ़ने की उम्मीद है।
पुलिस प्रशासन ने पर्व को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सभी संबंधित अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।
निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था/मुख्यालय शिवहरि मीणा, पुलिस उपायुक्त काशी जोन गौरव बंशवाल, पुलिस उपायुक्त यातायात/सुरक्षा अनिल कुमार यादव, अपर पुलिस उपायुक्त काशी जोन वैभव बांगर, अपर पुलिस उपायुक्त यातायात अंशुमान मिश्रा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।