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वाराणसी के बरेका में 15 अगस्त को 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह, महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने फहराया तिरंगा



 15/Aug/26

बरेका स्टेडियम में सुबह 9 बजे हुआ मुख्य समारोह, परेड का निरीक्षण कर आशुतोष पंत ने बरेका परिवार को किया संबोधित; दिव्यांग कर्मचारियों और आश्रितों को सहायक उपकरण व स्मार्ट ग्लास बांटे

 बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में 15 अगस्त को देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास, गरिमा और देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। बरेका स्टेडियम में आयोजित मुख्य समारोह में महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया, राष्ट्रध्वज को सलामी दी और बरेका परिवार को संबोधित किया। इस दौरान दिव्यांग कर्मचारियों एवं उनके आश्रितों को उपयोगी सहायक उपकरण और स्मार्ट ग्लास भी वितरित किए गए।

समारोह का शुभारंभ सुबह 9 बजे महाप्रबंधक के आगमन के साथ हुआ। राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम्’ के सामूहिक गायन के बाद राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। राष्ट्रगान के साथ परेड कमांडर ने राष्ट्रध्वज को राष्ट्रीय सलामी दी। इसके बाद महाप्रबंधक ने परेड का निरीक्षण किया।

परेड में रेलवे सुरक्षा बल, सेंट जॉन्स एम्बुलेंस ब्रिगेड, नागरिक सुरक्षा दल, भारत स्काउट एवं गाइड, बरेका इंटर कॉलेज के स्काउट-गाइड तथा कब और बुलबुल की टुकड़ियां शामिल हुईं। समारोह स्थल देशभक्ति नारों, गीतों और तिरंगे की गरिमा से ओत-प्रोत रहा।

आशुतोष पंत बोले- बरेका सिर्फ कारखाना नहीं, विरासत बनारस की और गति आधुनिक भारत की

अपने संबोधन में आशुतोष पंत ने स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानियों और राष्ट्र निर्माताओं को नमन करते हुए कहा कि भारत की स्वतंत्रता असंख्य वीरों के त्याग, संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता की विरासत को अक्षुण्ण बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।

उन्होंने कहा कि भारतीय रेल देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति की आधारशिला है और बरेका स्थापना के समय से ही राष्ट्र की प्रगति में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा, “बरेका सिर्फ एक कारखाना नहीं है, बरेका है—विरासत बनारस की, गति आधुनिक भारत की।”

बरेका को 460 रेल इंजन बनाने का लक्ष्य

महाप्रबंधक ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में बरेका को 460 विद्युत रेल इंजनों के निर्माण का लक्ष्य मिला है। इसमें 166 अमृत भारत लोकोमोटिव शामिल हैं। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 190 से अधिक रेल इंजनों का निर्माण किया जा चुका है।

जुलाई 2026 में बरेका ने 65 विद्युत लोकोमोटिव का निर्माण कर अपने इतिहास का सर्वाधिक मासिक उत्पादन दर्ज किया। उन्होंने बताया कि स्थापना से अब तक बरेका 11,400 से अधिक रेल इंजनों का निर्माण कर चुका है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में बरेका ने कुल 572 रेल इंजनों का निर्माण किया, जो किसी भी वित्तीय वर्ष में अब तक का सर्वाधिक लोकोमोटिव उत्पादन बताया गया।

आधुनिक तकनीक और अमृत भारत पुश-पुल लोकोमोटिव पर जोर

महाप्रबंधक ने कहा कि बरेका तकनीकी नवाचार और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। वर्तमान में निर्मित लोकोमोटिव में कवच सुरक्षा प्रणाली, वॉटरलेस यूरिनल, सीएलआई सीट, सिग्नल एक्सचेंज लाइट, डीपीडब्ल्यूसीएस, इलेक्ट्रिक वाइपर, एर्गोनॉमिक क्रू सीट और इंस्पेक्टर सीट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

बरेका में अत्याधुनिक अमृत भारत पुश-पुल लोकोमोटिव का निर्माण भी किया जा रहा है। इसके उत्पादन को गति देने के लिए इन-हाउस विनिर्माण क्षमता का लगातार विस्तार किया जा रहा है।

11 देशों को 180 से अधिक लोकोमोटिव का निर्यात

महाप्रबंधक ने बताया कि बरेका अब तक 11 देशों को 180 से अधिक लोकोमोटिव निर्यात कर चुका है। वर्तमान में आईसीवीएल, मोजाम्बिक और साउथ अफ्रीका के लिए 5-5 लोकोमोटिव तथा 12 केप गेज बोगी असेंबली की आपूर्ति का ऑर्डर मिला है।

बांग्लादेश के लिए 2200 एचपी मीटर गेज लोकोमोटिव परियोजना पर भी काम चल रहा है। बरेका द्वारा सेल दुर्गापुर और सेल राउरकेला को दो WDS-6 ADT डीजल लोकोमोटिव उपलब्ध कराए जा चुके हैं।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में 558 विद्युत लोको का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ। श्रम, सामग्री और ऊपरी लागत को मिलाकर कुल टर्नओवर 5,844 करोड़ रुपये रहा, जो वर्ष 2024-25 की तुलना में 17 प्रतिशत अधिक है। इसी वित्तीय वर्ष में रेलवे आपूर्तिकर्ताओं को 6,200 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।

सौर ऊर्जा से बरेका की 19 फीसदी बिजली जरूरत पूरी

पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के तहत बरेका ने वाराणसी नगर निगम के साथ नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए समझौता किया है। बरेका परिसर में 3,874 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र संचालित हैं, जिनसे कुल विद्युत आवश्यकता का लगभग 19 प्रतिशत हिस्सा पूरा किया जा रहा है।

इस वर्ष 5,000 पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरणीय उत्कृष्टता के लिए बरेका को ग्रीनको गोल्ड प्रमाण-पत्र से भी सम्मानित किया गया है।

800 से अधिक कर्मचारियों को प्रशिक्षण

महाप्रबंधक ने कौशल विकास को बरेका की प्राथमिकता बताया। प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र द्वारा जून 2026 तक 8,400 से अधिक प्रशिक्षण दिवसों के माध्यम से 800 से अधिक कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा 1,100 से अधिक इंजीनियरिंग और डिप्लोमा विद्यार्थियों को ग्रीष्मकालीन औद्योगिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

मेधावी विद्यार्थियों और दिव्यांग कर्मचारियों को सम्मान

समारोह के दौरान बरेका इंटर कॉलेज के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र और पुरस्कार दिए गए। दिव्यांग कर्मचारियों और उनके आश्रितों को उपयोगी सहायक उपकरण एवं स्मार्ट ग्लास वितरित किए गए।

इसके बाद बरेका संगीत महाविद्यालय, बरेका सांस्कृतिक संस्था, महिला कल्याण संगठन द्वारा संचालित चेतना विद्यालय, बाल निकेतन विद्यालय, सेंट जॉन्स स्कूल और बरेका इंटर कॉलेज के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। देशभक्ति गीतों, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

कार्यक्रम का समापन ‘वन्दे मातरम्’ के सामूहिक गायन और राष्ट्रगान के साथ हुआ। इसके बाद वरिष्ठ कार्मिक अधिकारी मुख्यालय राज कुमार गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

बरेका चिकित्सालय में हाईटेक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर का उद्घाटन

स्वतंत्रता दिवस समारोह के बाद महाप्रबंधक आशुतोष पंत बरेका चिकित्सालय पहुंचे। यहां पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा एडवांस्ड हाईटेक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर का उद्घाटन किया गया। उन्होंने भर्ती मरीजों का कुशलक्षेम जाना। बरेका महिला कल्याण संगठन की ओर से मरीजों को उपहार भी वितरित किए गए।

समारोह में प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर मनीष कुमार, प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर विवेक शील, प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक आलोक अग्रवाल, प्रधान वित्त सलाहकार मुक्तेश मित्तल, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी लालजी चौधरी, प्रमुख मुख्य इंजीनियर शैलेंद्र कुमार सिंह, प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी अंकुर चंद्रा, उप महाप्रबंधक सागर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी परिषद के संयुक्त सचिव प्रदीप कुमार यादव, परिषद के सदस्य, अनुसूचित जाति जनजाति एसोसिएशन के पदाधिकारी, कर्मचारी, उनके परिजन और नागरिक मौजूद रहे।

कार्यक्रम का संचालन निरीक्षक रेलवे सुरक्षा बल अजय कुमार सिंह एवं वरिष्ठ लिपिक शैलेन्द्री ने किया।


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