चितईपुर पुलिस ने आरोपी दिनेश कुमार (43) निवासी सुसुवाही, थाना चितईपुर, वाराणसी को 14 अगस्त 2026 को करौंदी चौराहे के पास से गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि दिनेश कुमार ने खुद को बीएचयू से जुड़ा हुआ बताकर उसके भाई और पत्नी की नौकरी लगवाने का भरोसा दिया। नौकरी दिलाने के नाम पर आरोपी ने उनसे 20 लाख 50 हजार रुपये प्राप्त किए।
आरोप है कि रकम लेने के बाद आरोपी ने बीएचयू और अन्य संस्थाओं के नाम से फर्जी एवं कूटरचित नियुक्ति पत्र तैयार किए। इन दस्तावेजों पर कथित तौर पर अधिकारियों के जाली हस्ताक्षर और मोहर का इस्तेमाल किया गया।
शिकायत के अनुसार, जब नियुक्ति पत्रों की वास्तविकता सामने आई और उन्हें फर्जी पाया गया तो वादी ने आरोपी से अपनी रकम वापस मांगी। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने केवल 8 लाख रुपये वापस किए, जबकि बाकी रकम के लिए 10-10 लाख रुपये के दो चेक दिए गए।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि दोनों चेकों के हस्ताक्षर भी बैंक स्तर पर फर्जी पाए गए। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस से की गई।
पुलिस के मुताबिक शिकायत में आरोपी और उसकी पत्नी पर वादी को झूठे मुकदमों में फंसाने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया था। शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर चितईपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई।
पुलिस ने इस मामले में मु0अ0सं0-191/2026 दर्ज किया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 340(2), 351(3), 338 और 336(3) के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस के अनुसार, मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर चितईपुर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को करौंदी चौराहे के पास गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी पुलिस आयुक्त वाराणसी के निर्देश और पुलिस उपायुक्त काशी जोन के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ अभियान के तहत की गई।
नाम: दिनेश कुमार
पिता: स्व. रामनगीना प्रसाद
उम्र: लगभग 43 वर्ष
निवास: सुसुवाही, थाना चितईपुर, कमिश्नरेट वाराणसी
चितईपुर थाना प्रभारी राकेश कुमार गौतम, उपनिरीक्षक धनंजय मिश्रा, हेड कांस्टेबल राजय भारतीय और रिजर्व कांस्टेबल कृपाशंकर पाण्डेय पुलिस टीम में शामिल रहे।