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वरुणा एवं अस्सी नदी के पुनर्जीवन तथा जिला गंगा कार्ययोजना के की प्रगति की समीक्षा में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए



 15/Aug/26

वाराणसी। जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पर्यावरण समिति, जिला गंगा समिति, जिला वृक्षारोपण समिति एवं जिला आर्द्रभूमि समिति की संयुक्त बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में पर्यावरण संरक्षण, गंगा संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, वृक्षारोपण तथा आर्द्रभूमि संरक्षण से संबंधित विभिन्न विषयों की विभागवार समीक्षा की गई।
बैठक में जिला वृक्षारोपण समिति के अंतर्गत विगत वर्षों में किए गए वृक्षारोपण कार्यों के भौतिक सत्यापन, पौधों की सुरक्षा एवं उनकी जीवितता (Survival) सुनिश्चित करने, मियावाकी पद्धति से विकसित स्थलों के समुचित रख-रखाव तथा आगामी वृक्षारोपण कार्यक्रमों के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित किए जाने पर विस्तृत चर्चा की गई। जिला गंगा समिति की बैठक में अस्सी घाट पर प्रस्तावित मैकेनाइज्ड पार्किंग परियोजना, प्रस्तावित मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (MMLP) तथा गंगा एवं वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं के संबंध में अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्य रूप से, वरुणा एवं अस्सी नदी के पुनर्जीवन तथा जिला गंगा कार्ययोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

 जिला आर्द्रभूमि समिति की बैठक में चयनित तालाबों को अधिसूचित किए जाने तथा उनके संरक्षण एवं प्रबंधन की कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ पर्यावरण संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन से संबंधित कार्यों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए।

 जिलाधिकारी ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के अंतर्गत 4-Tier Waste Segregation, डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण, Legacy Waste के Bio-remediation/Bio-mining, Extended Bulk Waste Generator Responsibility (EBWGR) व्यवस्था, घरेलू खतरनाक अपशिष्ट एवं निर्माण एवं विध्वंस (C&D) अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही. प्रतिबंधित Single Use Plastic के विरुद्ध प्रवर्तन अभियान को और प्रभावी बनाने, Material Recovery Facilities (MRFs) को सुदृढ़ करने, Extended Producer Responsibility (EPR) के प्रभावी क्रियान्वयन, जलालीपुरा स्थित ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग सुविधा के सुचारु संचालन, जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन, वायु गुणवत्ता प्रबंधन तथा UPECP पोर्टल पर सूचनाओं का समयबद्ध अद्यतन सुनिश्चित करने हेतु संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।


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