वाराणसी। वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव और अधिवक्ता चंद्रबली पटेल के जरिए मंगलवार को दो अलग-अलग मामलों में महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम सामने आए। एक ओर महिलाओं के समूह से धोखाधड़ी और गबन के मामले में आरोपित शिवम सिंह को जिला जज की अदालत से जमानत मिल गई, वहीं दूसरी ओर बीएचयू छात्र पर जानलेवा फायरिंग के मामले में 25 हजार रुपये के इनामी छात्र नेता क्षितिज उपाध्याय ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
#धोखाधड़ी व गबन के मामले में शिवम सिंह को जमानत
अभियोजन के अनुसार स्पंदना स्पूर्ति फाइनेंशियल लिमिटेड कंपनी की चौबेपुर शाखा के प्रबंधक रोहित कुमार ने चौबेपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि कंपनी ग्रामीण महिलाओं को समूह बनाकर छोटे व्यवसाय के लिए ऋण देती है और साप्ताहिक किस्त के रूप में धन संग्रह करती है।
जांच में पाया गया कि शाखा के दो कर्मचारियों ने महिला ग्राहकों को बहला-फुसलाकर कंपनी के नियमों के विरुद्ध धन संग्रह किया। आरोप है कि ऋण अधिकारी राहुल कुमार यादव ने 1,27,665 रुपये में से केवल 20,760 रुपये जमा किए और शेष 1,06,905 रुपये का गबन कर लिया। वहीं ऋण अधिकारी शिवम सिंह ने 3,83,637 रुपये में से 1,88,960 रुपये जमा किए और 1,94,677 रुपये का गबन कर लिया। कुल 3,01,565 रुपये के गबन का आरोप है।
कंपनी अधिकारियों ने दोनों कर्मचारियों से संपर्क कर राशि लौटाने को कहा, लेकिन आरोप है कि उन्होंने इनकार कर दिया। इसके बाद चौबेपुर पुलिस ने दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन का मुकदमा दर्ज किया। शिवम सिंह को 22 जुलाई को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत ने करमा, सोनभद्र निवासी शिवम सिंह को 50-50 हजार रुपये की दो जमानतें और बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव और चंद्रबली पटेल ने पक्ष रखा।
बीएचयू फायरिंग केस में 25 हजार का इनामी छात्र नेता कोर्ट में सरेंडर, जेल भेजा गया
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय स्थित बिरला ‘अ’ छात्रावास के गेट पर पुरानी रंजिश में साथी छात्र पर पिस्टल से जानलेवा हमला कराने के मामले में 25 हजार रुपये के इनामी बीएचयू छात्र नेता क्षितिज उपाध्याय ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। रोहतास, बिहार निवासी क्षितिज उपाध्याय ने वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव और चंद्रबली पटेल के माध्यम से अदालत में समर्पण किया। एसीजेएम (नवम) अमित कुमार यादव की अदालत ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया।
प्रकरण के अनुसार बीएचयू में बीए तृतीय वर्ष के छात्र रोशन मिश्रा ने लंका थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप है कि 21 फरवरी 2026 की रात लगभग 9 से 9.30 बजे वह अपने साथी विशाल के साथ बिरला ‘अ’ छात्रावास के गेट पर खड़ा था। उसी दौरान मोटरसाइकिल से आए पीयूष कुमार तिवारी, ऋषभ और तपस ने जान से मारने की नीयत से पिस्टल से चार गोलियां चलाईं। एक गोली उसके सिर के पास से और दूसरी छाती के बगल से निकल गई।
वादी के अनुसार वह जान बचाने के लिए छात्रावास के अंदर भागा, तब भी पीछे से दो और गोलियां चलाई गईं। उसने आरोप लगाया कि यह हमला पूर्व निष्कासित छात्र क्षितिज उपाध्याय और अभिषेक उपाध्याय के इशारे पर कराया गया। घटना के बाद से वह भयभीत है और अपनी जान को खतरा बता रहा है।
इस मामले में पुलिस ने सभी आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। क्षितिज उपाध्याय लंबे समय से फरार था। उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी होने के साथ 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। बाद में उसने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद अदालत ने उसे जेल भेज दिया।