सावन के पवित्र माह में कांवड़ यात्रा की सुरक्षा, व्यवस्था और सुचिता को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने व्यापक तैयारियां की हैं। आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने कहा कि कांवड़ यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कांवड़ मार्गों पर मीट-मांस की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध के साथ सुरक्षा व्यवस्था को भी हाईटेक बनाया गया है।
मीडिया से बातचीत में डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने बताया कि कांवड़ यात्रा को लेकर सरकार ने व्यापक एडवाइजरी जारी की है। कांवड़ मार्गों पर मीट-मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लागू रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि कांवड़ मार्गों पर दुकानदारों के लिए दुकान के बाहर नेमप्लेट, QR कोड और रेट लिस्ट प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है। QR कोड के माध्यम से ग्राहक दुकानदार से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। खाद्य पदार्थों में मिलावट को रोकने के लिए भी संबंधित विभागों को निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने कहा कि यात्रा मार्गों पर 24 घंटे CCTV कैमरों और ड्रोन के जरिए निगरानी की जाएगी। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर भी स्थापित किया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रयागराज से वाराणसी तक एक लेन कांवड़ यात्रियों के लिए विशेष रूप से आरक्षित की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान आवागमन में परेशानी न हो।
मंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सेवा और सामाजिक सहभागिता का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न वर्ग कांवड़ यात्रियों की सेवा में जुटे हैं। सामाजिक संस्थाओं की ओर से भोजन, ठहरने और चिकित्सा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने कहा, “श्रद्धा जगाई नहीं जाती, श्रद्धा जगती है। समाज का हर वर्ग कांवड़ियों की सेवा में लगा है। हमारा लक्ष्य है कि इस बार की कांवड़ यात्रा ऐतिहासिक और पूरी तरह व्यवस्थित हो।”
जनसंपर्क अधिकारी गौरव राठी ने बताया कि सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सभी संबंधित जिलों में कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। कांवड़ यात्रा को देखते हुए मेरठ, बागपत, वाराणसी, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, संभल और अलीगढ़ समेत संवेदनशील जिलों में पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है।
प्रशासन का जोर कांवड़ यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही, यातायात व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर है।
बम-बम भोले।