यह कार्रवाई अपराध नियंत्रण और यातायात नियमों के प्रभावी अनुपालन के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन चक्रव्यूह अभियान के तहत की गई।
पुलिस के अनुसार, 6 अगस्त 2026 को जंसा पुलिस क्षेत्र में भ्रमण और संदिग्ध व्यक्ति एवं वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान हरसोस रिंग रोड के पास स्कॉर्पियो वाहन संख्या UP62AP0144 को सार्वजनिक मार्ग पर विपरीत दिशा में बैक गियर में तेज गति से चलाते हुए पाया गया।
पुलिस का कहना है कि वाहन चालक जिस तरह से स्टंट कर रहा था, उससे सड़क पर गुजर रहे राहगीरों और अन्य वाहन चालकों की सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा था। पुलिस टीम ने तत्काल वाहन को रुकवाकर चालक से पूछताछ की।
पूछताछ में चालक ने अपना नाम वीर बहादुर सिंह पटेल (33) पुत्र मुन्ना लाल पटेल, निवासी ग्राम गंजारी, थाना जंसा, कमिश्नरेट वाराणसी बताया। पुलिस के मुताबिक, चालक अपने कृत्य के संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान चालक के नशे की अवस्था में होने की आशंका हुई। वाहन में सवार एक अन्य व्यक्ति विजय पटेल (33) पुत्र सत्यनारायण पटेल, निवासी ग्राम बेनीपुर, थाना मिर्जामुराद, वाराणसी भी नशे की अवस्था में प्रतीत हुआ।
पुलिस के मुताबिक, चालक स्कॉर्पियो से संबंधित आवश्यक अभिलेख भी प्रस्तुत नहीं कर सका। ई-चालान ऐप के माध्यम से वाहन का विवरण चेक करने पर स्कॉर्पियो का पंजीकृत स्वामी सतीश चन्द्रा पुत्र शिवनाथ, निवासी रामगढ़, चन्दवक, जनपद जौनपुर पाया गया।
दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने और मामले की परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस ने वाहन को धारा 207 मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज कर दिया।
सार्वजनिक मार्ग पर खतरनाक और लापरवाहीपूर्ण तरीके से वाहन चलाकर आमजन के जीवन को संकट में डालने के आरोप में जंसा थाने में मु0अ0सं0 163/2026, धारा 281/125 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
कार्रवाई करने वाली टीम में थाना जंसा के थानाध्यक्ष सत्यजीत सिंह, चौकी प्रभारी कस्बा जंसा उपनिरीक्षक मयंक सिंह, उपनिरीक्षक रामचन्द्र यादव और कांस्टेबल धर्मराज शामिल रहे।
पुलिस की इस कार्रवाई को सार्वजनिक सड़कों पर खतरनाक ड्राइविंग और स्टंटबाजी के खिलाफ अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सड़क पर इस तरह की लापरवाही न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे राहगीरों और दूसरे वाहन चालकों की जान भी खतरे में पड़ सकती है।