अत्याधुनिक कम्पोजिट लैब का शुभारंभ, विद्यार्थियों को मिलेगा विश्वस्तरीय अनुभवात्मक STEM शिक्षा का मंच
शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में क्रिमसन वर्ल्ड स्कूल, वाराणसी ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। विद्यालय परिसर में अत्याधुनिक कम्पोजिट लैब का भव्य शुभारंभ किया गया। इस लैब के माध्यम से विद्यार्थियों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी एवं गणित (STEM) की शिक्षा को प्रयोगात्मक अनुभव से जोड़ने का अवसर मिलेगा।
कम्पोजिट लैब का उद्घाटन आईआईटी (बीएचयू), वाराणसी के स्कूल ऑफ मैटेरियल्स साइंस एंड टेक्नोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर, जॉइंट इन्क्यूबेशन सेंटर के पूर्व समन्वयक एवं चीफ प्रॉक्टर डॉ. संजय सिंह ने फीता काटकर एवं पट्टिका का अनावरण कर किया। उद्घाटन के बाद उन्होंने लैब का निरीक्षण किया और विद्यार्थियों द्वारा तैयार विभिन्न वैज्ञानिक मॉडलों एवं नवाचार परियोजनाओं को देखा।
अपने संबोधन में डॉ. संजय सिंह ने कहा कि वर्तमान दौर में केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक शिक्षा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की संस्कृति से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल विद्यार्थियों को भविष्य की वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने मैटेरियल्स साइंस, इन्क्यूबेशन और अनुसंधान के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
टिंकरिंग, VR, ड्रोन और रोबोटिक्स की मिलेगी सुविधा
नवनिर्मित कम्पोजिट लैब में टिंकरिंग लैब, वर्चुअल रियलिटी (VR), ड्रोन टेक्नोलॉजी और रोबोटिक्स समेत आधुनिक वैज्ञानिक उपकरण एवं प्रयोगात्मक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को परियोजना आधारित अधिगम, इंजीनियरिंग गतिविधियों, समस्या समाधान और बहुविषयक शिक्षा के जरिए वास्तविक जीवन की चुनौतियों को समझने तथा उनके समाधान विकसित करने का अवसर मिलेगा।
विद्यालय के चेयरमैन प्रदीप बिश्नोई और निदेशक अनिमेष बिश्नोई ने कहा कि क्रिमसन वर्ल्ड स्कूल विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और भविष्य उन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कम्पोजिट लैब विद्यार्थियों की प्रतिभा को नई दिशा देने के साथ ही उन्हें विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी।
विद्यालय की प्रधानाचार्या अंजना देवा ने कहा कि कम्पोजिट लैब का शुभारंभ विद्यालय के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह प्रयोगशाला विद्यार्थियों की जिज्ञासा को वैज्ञानिक खोज में बदलने का सशक्त माध्यम बनेगी और उन्हें नवाचार, अनुसंधान एवं रचनात्मक चिंतन की दिशा में आगे बढ़ाएगी।
21वीं सदी के कौशल विकसित करने पर जोर
कार्यक्रम के दौरान मैटाबुक एक्सआर की ओर से श्री गौरव कुमार, संचालन प्रमुख श्री बृजेश सिंह, सहायक उपाध्यक्ष तथा कार्यक्रम प्रशासक श्री हर्ष वर्धन तिवारी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि मैटाबुक द्वारा संचालित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में 21वीं सदी के आवश्यक कौशलों के विकास में सहायक होगा।
इस अवसर पर विद्यार्थियों के उत्साहवर्धन के लिए डॉ. गुरु प्रसाद, प्रोफेसर, कृषि विज्ञान संकाय, काशी हिंदू विश्वविद्यालय एवं प्रभारी बरकच्छा परिसर (BHU) भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकगण, अभिभावक एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने कम्पोजिट लैब की स्थापना को विद्यालय की शैक्षिक उत्कृष्टता और आधुनिक शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक पहल बताया।