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ठगी करने के मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव ने दी दलील से 21 महिलाओं को मिली जमानत



 05/Aug/26

बीएनएसएस का नहीं किया गया अनुपालन

अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (पंचम) की अदालत ने दिया आदेश

वाराणसी। भेलूपुर के महमूरगंज में शेयर बाजार में निवेश के नाम पर लोगों से ठगी करने के मामले में आरोपी 21 महिलाओं को शनिवार को जमानत मिल गई। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (पंचम) सौरभ शुक्ला की अदालत ने सभी आरोपियों को रिहा करने का आदेश दिया। अदालत में आरोपी गरिमा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव ने पक्ष रखा।

अदालत में वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव ने दलील दी कि उप निरीक्षक संजना गौतम से पूछा गया कि क्या बीएनएसएस की धारा 43(5) का अनुपालन किया गया है। इस पर उत्तर दिया गया कि उक्त धारा का अनुपालन नहीं किया गया। धारा 43(5) बीएनएसएस के अनुसार असाधारण परिस्थितियों को छोड़कर किसी महिला को सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। इससे स्पष्ट होता है कि आरोपियों की गिरफ्तारी विधि के अनुसार नहीं की गई।

प्रकरण के अनुसार महमूरगंज स्थित एक मकान में फर्जी कॉल सेंटर संचालित होने की सूचना मिली थी। यहां शेयर बाजार में निवेश के नाम पर लोगों से पैसा ऐंठने की शिकायत प्राप्त हुई थी। साथ ही मकान में लड़के-लड़कियों के आने-जाने की सूचना भी पुलिस को मिली थी।

इस पर डीसीपी नीतू कादयान ने पुलिस टीम के साथ 30 जुलाई को मकान में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान मौके से 21 महिलाओं और 9 पुरुषों सहित कुल 32 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

पूछताछ में पता चला कि सभी आरोपी मिर्जापुर, चंदौली और वाराणसी के रहने वाले हैं। पुलिस के अनुसार वे शेयर ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर टेलीकॉलिंग के जरिए ग्राहकों को फंसाते थे और उनसे निवेश करवाते थे। यह गतिविधि एक रिहायशी बिल्डिंग में एनकेडी एंड एसोसिएट्स के नाम से संचालित की जा रही थी।


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