चौक पुलिस को स्पष्ट जांच आख्या रिपोर्ट पेश करने का आदेश
कोर्ट ने 11 अगस्त को स्पष्ट जांच आख्या रिपोर्ट पेश करने के लिए पुलिस को दिया निर्देश
वाराणसी। चौक थाने में दर्ज एक मामले में आजाद सेना के अध्यक्ष एवं पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की अब तक की कार्यवाही पर प्रगति रिपोर्ट तलब करने के लिए दी गई अर्जी पर पुलिस थाने से आख्या आ गई। हालांकि पुलिस द्वारा स्पष्ट जांच आख्या रिपोर्ट नहीं देने पर अमिताभ ठाकुर के अधिवक्ता अनुज यादव ने इस पर आपत्ति करते हुए कहा कि इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर ने कोर्ट के सामने 25 जुलाई 2026 को एक रिपोर्ट जमा कर दी है। उस रिपोर्ट को देखने से स्पष्ट है कि जांच के कई मुख्य मुद्दे अभी भी पूरी तरह से अनुत्तरित हैं और उन पर न्यायिक विचार की आवश्यकता है।
साथ ही उन्होंने कोर्ट से पुलिस द्वारा स्पष्ट आख्या रिपोर्ट पेश करने के लिए आदेश देने की अपील की। इसके बाद विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने अमिताभ ठाकुर के अधिवक्ता अनुज यादव की अपील पर सख्त रुख अपनाते हुए चौक पुलिस को 11 अगस्त तक इस मामले में स्पष्ट आख्या रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। साथ ही मामले की अगली सुनवाई की तिथि भी 11 अगस्त नियत कर दी गई।
बतादें कि बीते दिनों पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने अपने अधिवक्ता अनुज यादव के माध्यम से विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में एक प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। इसमें कहा गया था कि दिसंबर माह में उनके खिलाफ चौक थाने में दर्ज मामले में छह माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया है। अर्जी में आरोप लगाया गया कि एफआईआर दर्ज होने के बाद से जांच को उसके कानूनी निष्कर्ष तक नहीं पहुंचाया गया और न ही जांच पूरी होने पर कोई उचित पुलिस रिपोर्ट सक्षम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की गई।
प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया कि मामले के दर्ज होने के 10 दिनों के भीतर ही आवेदक की न्यायिक हिरासत मांगी गई थी, लेकिन गिरफ्तारी के आठ माह बाद भी पुलिस न तो जांच पूरी कर पाई है और न ही अदालत में आरोप पत्र प्रेषित किया है।
गौरतलब है कि बड़ी पियरी निवासी हिंदू युवा वाहिनी के नेता एवं वीडीए के मानद सदस्य अम्बरीष सिंह भोला ने 9 दिसंबर को चौक थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि 30 नवंबर को अमिताभ ठाकुर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन पर आपराधिक मामलों में संलिप्त होने के झूठे आरोप लगाए गए। साथ ही बहुचर्चित कफ सिरप मामले में बिना किसी साक्ष्य के उनकी संलिप्तता बताते हुए भ्रामक और गलत जानकारी प्रसारित की गई, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को गंभीर आघात पहुंचा।
इस मामले में पुलिस ने आजाद सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर, उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर तथा एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ चौक थाने में मुकदमा दर्ज किया था।