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वाराणसी मंडल में सुरक्षित रियल एस्टेट निवेश के प्रति उपभोक्ताओं को जागरूक कर रहा है यूपी रेरा



 31/Jul/26

 

वाराणसी मंडल में सुरक्षित रियल एस्टेट निवेश के प्रति उपभोक्ताओं को जागरूक कर रहा है यूपी रेरा
- जागरूकता कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गृह क्रेता, आवंटी, प्रमोटर एवं रियल एस्टेट एजेंट हुए शामिल

लखनऊ/वाराणसी: रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने और उपभोक्ताओं को जागरूक करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश भू सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने शुक्रवार को वाराणसी मंडल के हितधारकों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक संवादात्मक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गृह क्रेताओं, आवंटियों, प्रमोटरों तथा पंजीकृत रियल एस्टेट एजेंटों ने भाग लिया। प्रतिभागियों को सुरक्षित निवेश के उपायों, रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 के प्रमुख प्रावधानों तथा यूपी रेरा की शिकायत निवारण व्यवस्था की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से यूपी रेरा के अध्यक्ष श्री संजय भूसरेड्डी ने की। वाराणसी से मंडलायुक्त आईएएस श्री एस. राजालिंगम तथा उपाध्यक्ष, वाराणसी विकास प्राधिकरण, आईएएस श्री पुर्ण बोरा विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए।

*जागरूक उपभोक्ता ही सुरक्षित निवेश कर सकता है*
प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए यूपी रेरा के अध्यक्ष श्री संजय भूसरेड्डी ने कहा कि रियल एस्टेट में सुरक्षित निवेश का सबसे मजबूत आधार उपभोक्ताओं की जागरूकता है। उन्होंने कहा कि यूपी रेरा का उद्देश्य केवल विवादों का समाधान करना ही नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाना भी है।

उन्होंने संभावित घर खरीददारों को सलाह दी कि किसी भी परियोजना में निवेश करने से पहले यूपी रेरा पोर्टल पर उसकी सभी जानकारियों का सत्यापन अवश्य करें। यदि किसी प्रकार की समस्या या विवाद उत्पन्न हो तो बिना विलंब यूपी रेरा से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पारदर्शी, जवाबदेह और उपभोक्ता हितैषी रियल एस्टेट व्यवस्था विकसित करने के लिए यूपी रेरा लगातार कार्य कर रहा है।

*रेरा अधिनियम के प्रावधानों की दी विस्तृत जानकारी*
यूपी रेरा के प्रधान सलाहकार श्री अबरार अहमद ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से रेरा अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों और उनके व्यावहारिक महत्व की जानकारी दी। उन्होंने संपत्ति खरीदने से पहले बरती जाने वाली सावधानियों, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, घर खरीददारों के वैधानिक अधिकारों तथा समयबद्ध एवं निष्पक्ष विवाद निस्तारण में यूपी रेरा की भूमिका को विस्तार से समझाया।

उन्होंने बताया कि निवेश से पहले परियोजना से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारियों का सत्यापन करने से धोखाधड़ी, आर्थिक नुकसान और अनावश्यक विलंब जैसी समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है।

*निवेश से पहले इन बातों की अवश्य करें जांच*
प्रतिभागियों को सलाह दी गई कि किसी भी परियोजना में निवेश करने से पहले उसका रेरा पंजीकरण संख्या, पंजीकरण की वैधता, स्वीकृत लेआउट प्लान, भूमि स्वामित्व से संबंधित दस्तावेज, निर्माण की प्रगति, प्रस्तावित पूर्णता अवधि, परियोजना के लिए निर्धारित बैंक खाता, प्रमोटर का पूर्व रिकॉर्ड तथा संबंधित रियल एस्टेट एजेंट का रेरा पंजीकरण अवश्य जांच लें। इसके साथ ही उन्हें यह भी सलाह दी गई कि केवल आकर्षक विज्ञापनों या प्रचार सामग्री के आधार पर निवेश का निर्णय न लें।

*बुकिंग के बाद भी रखें परियोजना पर नजर*
कार्यक्रम में बताया गया कि संपत्ति बुक करने के बाद भी परियोजना की प्रगति पर नियमित रूप से नजर रखना आवश्यक है। प्रतिभागियों को आवंटन पत्र, विक्रय अनुबंध (एग्रीमेंट फॉर सेल), भुगतान रसीदें तथा यूपी रेरा पोर्टल पर उपलब्ध सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की सलाह दी गई। भविष्य में किसी विवाद की स्थिति में यही दस्तावेज उनके अधिकारों की रक्षा का आधार बनते हैं।

*रेरा अधिनियम के तहत घर खरीददारों के अधिकारों की जानकारी*
कार्यक्रम में घर खरीददारों को रेरा अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त अधिकारों के बारे में विस्तार से बताया गया। उन्हें जानकारी दी गई कि प्रत्येक खरीददार को परियोजना की सही और पारदर्शी जानकारी प्राप्त करने, निर्धारित प्रारूप में विक्रय अनुबंध करने, निर्धारित समय सीमा में कब्जा एवं रजिस्ट्री प्राप्त करने, विलंब होने पर ब्याज पाने, आवश्यक परिस्थितियों में धनवापसी प्राप्त करने तथा भ्रामक विज्ञापन या अधिनियम के उल्लंघन की स्थिति में क्षतिपूर्ति मांगने का अधिकार है। प्रतिभागियों को फॉर्म एम तथा फॉर्म एन के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई।

*किन परिस्थितियों में यूपी रेरा से करें शिकायत*
प्रतिभागियों को बताया गया कि यदि कोई प्रमोटर अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करता है, समय पर कब्जा नहीं देता, स्वीकृत नक्शे में बिना अनुमति परिवर्तन करता है, अनुचित धनराशि की मांग करता है, बिना उचित कारण आवंटन रद्द करता है अथवा परियोजना या एजेंट रेरा में पंजीकृत नहीं है, तो वे यूपी रेरा में शिकायत दर्ज कर कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

*प्रश्नोत्तर सत्र में दूर की गई प्रतिभागियों की शंकाएं*
कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने विलंब से कब्जा मिलने, धनवापसी, रजिस्ट्री, ब्याज, प्रमोटरों की जिम्मेदारियों तथा शिकायत निवारण प्रक्रिया से जुड़े प्रश्न पूछे। यूपी रेरा के अध्यक्ष श्री संजय भूसरेड्डी तथा प्रधान सलाहकार श्री अबरार अहमद ने सभी प्रश्नों का विस्तार से उत्तर देते हुए रेरा अधिनियम के अंतर्गत उपलब्ध कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।

*वरिष्ठ अधिकारियों की रही सहभागिता*
कार्यक्रम में वाराणसी मंडलायुक्त आईएएस श्री एस. राजालिंगम तथा वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष आईएएस श्री पूर्णा बोरा ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और उपभोक्ताओं के विश्वास को मजबूत करने के लिए यूपी रेरा के प्रयासों की सराहना की।

यूपी रेरा मुख्यालय से भी कई वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए। इनमें अध्यक्ष श्री संजय भूसरेड्डी, सचिव श्री महेंद्र वर्मा, प्रमुख सलाहकार श्री अबरार अहमद, तकनीकी सलाहकार श्री संजय तिवारी, वित्त सलाहकार श्री सुधांशु त्रिपाठी, राजस्व अधिकारी श्रीमती मीनाक्षी द्विवेदी, सिस्टम विश्लेषक श्री गणेश मिश्रा, मीडिया सलाहकार श्री प्रांजल दीक्षित तथा डॉ. आकाश यादव प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।


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