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संत रविदास की 650वीं जयंती पर दुल्हन की तरह सजी काशी, शहर से जन्मस्थली तक भव्य सजावट



 28/Jul/26

 संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष को ऐतिहासिक और भव्य बनाने के लिए काशी को दुल्हन की तरह सजाया गया है। भारतीय जनता पार्टी की ओर से शहर के प्रमुख चौराहों, तिराहों, मुख्य मार्गों तथा संत रविदास की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर में व्यापक स्तर पर सजावट कराई गई है। जगह-जगह आकर्षक स्वागत द्वार, विशाल होर्डिंग्स, रंग-बिरंगी झालरें और विद्युत प्रकाश की व्यवस्था की गई है, जिससे पूरा शहर उत्सवी माहौल में नजर आ रहा है।

जयंती समारोह को लेकर भाजपा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। शहर के लगभग 20 प्रमुख चौराहों और तिराहों को विशेष रूप से सजाया गया है। इनमें मालवीय प्रतिमा लंका गेट, गुरुधाम चौराहा, भेलूपुर चौराहा, सोनारपुरा चौराहा, गौदौलिया चौराहा, मैदागिन, चौक, कबीर मठ चौराहा, लहुराबीर चौराहा, सरदार पटेल प्रतिमा मलदहिया, साजन तिराहा, सिगरा चौराहा, संत अतुलानंद, राजर्षि प्रतिमा गिलट बाजार, भोजूबीर तिराहा, सर्किट हाउस, गोलघर चौराहा, अंबेडकर चौराहा, पुलिस लाइन तिराहा, चौकाघाट चौराहा और तेलियाबाग तिराहा शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर संत रविदास जी के जीवन, दर्शन और 650वें जयंती वर्ष का संदेश आकर्षक होर्डिंग्स और सजावट के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।

संत रविदास की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर में आने वाले श्रद्धालुओं और अतिथियों के स्वागत के लिए आठ भव्य स्वागत द्वार तैयार किए गए हैं। ये स्वागत द्वार सीर गेट, रविदास मंदिर, रविदास स्कूल, रविदास पार्क, सहज एकेडमी के समीप वीआईपी गेट, काशीपुरम कॉलोनी के सामने, लौटूबीर बाबा मंदिर तथा डाफी टोल प्लाजा के पास बनाए गए हैं। सभी द्वारों को जयंती समारोह की थीम और संत रविदास जी के समरसता एवं समानता के संदेश के अनुरूप आकर्षक स्वरूप दिया गया है।

समारोह स्थल तक पहुंचने वाले पूरे मार्ग को भी विशेष रूप से सजाया गया है। बीएचयू सीर गेट से रविदास पार्क होते हुए कार्यक्रम स्थल तक विद्युत झालरों और आकर्षक रोशनी से पूरा मार्ग जगमगा रहा है। रविदास पार्क को भी रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। 29 जुलाई की शाम यहां 11 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे, जिससे पूरा परिसर दीपोत्सव जैसा दृश्य प्रस्तुत करेगा। इसके साथ ही संत रविदास मंदिर को भी विशेष विद्युत सज्जा से अलंकृत किया गया है, जिससे रात के समय जन्मस्थली की भव्यता और अधिक आकर्षक दिखाई देगी।

केवल शहर ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमुख मार्गों पर भी हजारों बड़े होर्डिंग्स लगाए गए हैं। इन होर्डिंग्स के माध्यम से संत रविदास जी के जीवन, उनके सामाजिक समरसता के संदेश और 650वीं जयंती वर्ष के आयोजन का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। आयोजन को लेकर शहरभर में उत्साह का माहौल है और विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं संत समाज के प्रतिनिधियों के काशी पहुंचने की संभावना है।

आयोजकों का कहना है कि संत रविदास जी की 650वीं जयंती को यादगार बनाने के लिए सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। शहर की भव्य सजावट, स्वागत व्यवस्थाएं और प्रकाश सज्जा श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। काशी में हर ओर जयंती वर्ष का उल्लास और उत्सव का वातावरण दिखाई दे रहा है।

 


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