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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से समाज कार्य विषय में डॉ. अमित कुमार कुशवाहा को पीएच.डी. की उपाधि



 28/Jul/26

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी द्वारा डॉ. अमित कुमार कुशवाहा को समाज कार्य (Social Work) विषय में डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (Ph.D.) की उपाधि प्रदान की गई।

उनका शोध विषय था—"युवाओं के व्यक्तित्व विकास में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की भूमिका का अध्ययन।"
इस शोध का प्रमुख उद्देश्य यह अध्ययन करना था कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) अपनी विभिन्न गतिविधियों, संगठनात्मक कार्यप्रणाली, प्रशिक्षण, नेतृत्व विकास, सेवा कार्य, सामाजिक सहभागिता तथा राष्ट्रनिष्ठ दृष्टिकोण के माध्यम से युवाओं के व्यक्तित्व विकास में किस प्रकार महत्वपूर्ण योगदान देती है।
यह शोध प्रो. के. के. सिंह के निर्देशन में किया गया है। शोध अध्ययन में यह विश्लेषण किया गया कि भारतीय ज्ञान परंपरा, भारतीय जीवन-दर्शन, सांस्कृतिक मूल्यों तथा समाज कार्य की भारतीय अवधारणाओं के अनुरूप अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद युवाओं में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, सामाजिक उत्तरदायित्व, सेवा-भाव, राष्ट्र चेतना, लोकतांत्रिक सहभागिता तथा सकारात्मक व्यक्तित्व का विकास करती है। अध्ययन से यह भी स्पष्ट हुआ कि परिषद ने समाज कार्य की पाश्चात्य अवधारणाओं एवं प्रविधियों के साथ भारतीय चिंतन, सांस्कृतिक मूल्यों तथा राष्ट्रकेंद्रित दृष्टिकोण का समन्वय करते हुए युवाओं के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास का एक प्रभावी भारतीय मॉडल प्रस्तुत किया है।
शोध के दौरान परिषद के विभिन्न आयामों, गतिविधियों, प्रशिक्षण शिविरों, अनुभूति, सेवा कार्यों, छात्र नेतृत्व निर्माण, सामाजिक अभियानों तथा संगठनात्मक कार्यप्रणाली का विस्तृत अध्ययन किया गया।
 अध्ययन के निष्कर्षों से यह सामने आया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की विविध गतिविधियाँ न केवल युवाओं के व्यक्तित्व विकास को सशक्त बनाती हैं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन, सामुदायिक नेतृत्व, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया को भी गति प्रदान करती हैं।
शोध में यह भी प्रतिपादित किया गया है कि यदि युवाओं को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जैसे संगठनों के माध्यम से चरित्र निर्माण, नेतृत्व विकास, सामाजिक संवेदनशीलता, सेवा-भाव तथा राष्ट्रीय उत्तरदायित्व का प्रशिक्षण प्राप्त हो, तो वे 'विकसित भारत–2047' के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। ऐसे युवा शिक्षा, सामाजिक समरसता, नवाचार, आत्मनिर्भरता, ग्राम विकास, पर्यावरण संरक्षण तथा जनभागीदारी के माध्यम से राष्ट्र के समग्र विकास में प्रभावी योगदान देंगे।
यह शोध विशेष रूप से समाज कार्य (Social Work) के क्षेत्र में भारतीय ज्ञान परंपरा (Indian Knowledge Systems - IKS) आधारित विमर्श को नई दिशा प्रदान करता है। यह अध्ययन समाज कार्य की भारतीय दृष्टि, युवा विकास, नेतृत्व निर्माण, राष्ट्र निर्माण तथा भारतीयकरण (Indianisation of Social Work) के क्षेत्र में भविष्य के शोधार्थियों, विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं नीति-निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ सामग्री सिद्ध होगा। साथ ही, यह शोध आने वाली युवा पीढ़ी को सेवा, संगठन, सामाजिक दायित्व और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रेरित करने में भी उपयोगी रहेगा।
डॉ. अमित कुमार कुशवाहा, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद के निवासी हैं, ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने गुरुजनों, परिवार, सहयोगियों तथा महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ को दिया। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि शोध के निष्कर्षों को समाज कार्य, युवा नीति, भारतीय ज्ञान परंपरा तथा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में व्यवहारिक रूप से लागू किया जाए, जिससे भारतीय समाज के विकास, युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।

इस शोध उपाधि  हेतु डॉ. अमित कुमार कुशवाहा को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद परिवार एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक एवं कार्यकर्ताओं ने डॉक्टर उपाधि प्राप्त करने हेतु बधाई दिया तथा साथ ही विश्वविद्यालय परिवार एवं अन्य लोगों ने भी  शुभकामनाएं दिया।


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