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AI-संचालित हेल्थ पॉड बनाकर वाराणसी के छात्र ने बढ़ाया देश का मान



 27/Jul/26

ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई दिशा

वाराणसी। सनबीम इंग्लिश स्कूल, भगवानपुर के कक्षा 12 के छात्र रचित मित्तल ने ग्रामीण भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। रचित ने R.E.S.C.U.E. (Remote Emergency System for Critical and Urgent Evaluation) नामक कम लागत वाला AI-संचालित टेलीमेडिसिन हेल्थ पॉड विकसित किया है, जिसका उद्देश्य सुदूर और नेटवर्क-विहीन क्षेत्रों में मरीजों को समय पर प्राथमिक चिकित्सा और विशेषज्ञ डॉक्टरों से जोड़ना है।

इस अभिनव तकनीक के माध्यम से मरीज का ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन लेवल तथा अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतकों (Vitals) की तुरंत जांच की जा सकती है। इंटरनेट कमजोर होने की स्थिति में भी इसका AI मॉडल मरीज के शुरुआती लक्षणों का विश्लेषण कर प्राथमिक स्वास्थ्य सलाह देता है। साथ ही यह कम कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में भी डॉक्टरों तक मरीज का डेटा पहुंचाकर टेली-कंसल्टेशन की सुविधा उपलब्ध कराता है।

हाल ही में वाराणसी के बाहरी क्षेत्र के एक गांव में इस हेल्थ पॉड का सफल फील्ड ट्रायल किया गया, जिसमें इसने वास्तविक परिस्थितियों में प्रभावी प्रदर्शन किया।

ग्रामीण भारत के लिए उपयोगी पहल

R.E.S.C.U.E. परियोजना का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को अस्पताल पहुंचने से पहले ही आवश्यक चिकित्सा मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है। इसकी कम लागत के कारण इसे ग्राम पंचायतों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) तथा आपदा प्रभावित क्षेत्रों में भी आसानी से स्थापित किया जा सकता है। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज सीधे शहरों के विशेषज्ञ चिकित्सकों से जुड़ सकेंगे।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान

रचित मित्तल के इस नवाचार को IRIS नेशनल फेयर, KIIT आइडियाथॉन, IIT खड़गपुर यंग इनोवेटर्स प्रोग्राम (YIP) तथा पिट्सबर्ग स्टेट यूनिवर्सिटी (अमेरिका) से सराहना प्राप्त हुई है। इस सामाजिक उपयोगिता वाले नवाचार के आधार पर रचित के प्रोजेक्ट को भारत सरकार के प्रतिष्ठित 'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार' की विज्ञान, तकनीक एवं नवाचार श्रेणी के लिए भी नामांकित किया गया है।

विद्यालय ने जताया गर्व

सनबीम ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. दीपक मधोक एवं सह-अध्यक्ष श्रीमती भारती मधोक ने रचित की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह नवाचार इस बात का उदाहरण है कि युवा वैज्ञानिक सोच और तकनीक के माध्यम से समाज की जमीनी समस्याओं का प्रभावी समाधान प्रस्तुत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि रचित की सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।


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