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81 दिवसीय गविष्ठी धर्मयुद्ध यात्रा के समापन के बाद काशी में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की प्रेस वार्ता संपन्न



 26/Jul/26

 

 गौरक्षा आंदोलन के अगले चरण का दिया संकेत

वाराणसी। ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने रविवार को शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्यामठ में पत्रकारों से संवाद किया। 81 दिवसीय गविष्ठी धर्मयुद्ध यात्रा तथा लखनऊ में आयोजित गौ गर्जना महासभा के उपरांत आयोजित इस प्रेस वार्ता में उन्होंने गौरक्षा को राष्ट्रव्यापी जनचेतना का विषय बताते हुए समाज की व्यापक भागीदारी पर बल दिया। 

उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान देशभर में संत समाज, गौभक्तों और आम नागरिकों का व्यापक समर्थन मिला, जो यह दर्शाता है कि गौ संरक्षण को लेकर समाज में गंभीर चिंता और जागरूकता है। उन्होंने कहा कि अब इस अभियान को अगले चरण में संगठित रूप से आगे बढ़ाया जाएगा तथा संत समाज मिलकर आगे की रणनीति तय करेगा। 

शंकराचार्य ने कहा कि गौरक्षा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, कृषि, पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने समाज से शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से गौ संरक्षण के लिए जनजागरण अभियान में सहभागी बनने का आह्वान किया।

प्रेस वार्ता में उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में देशभर में संतों की बैठकें, जनसभाएँ और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से गौरक्षा आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य समाज को जागरूक करना तथा गौ संरक्षण के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करना है।

पत्रकारों द्वारा यात्रा के अनुभव, आगामी कार्यक्रमों और गौरक्षा आंदोलन की दिशा को लेकर पूछे गए प्रश्नों का भी उन्होंने उत्तर दिया। प्रेस वार्ता में बड़ी संख्या में मीडिया प्रतिनिधि, संत एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।


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