वाराणसी। डैलिम्स सनबीम स्कूल एंड हॉस्टल, रोहनिया में 24 से 26 जुलाई 2026 तक आयोजित तीन दिवसीय AFS इंडिया रीजनल कॉन्फ्रेंस (नॉर्थ ज़ोन मेंबर स्कूल्स-2026) का भव्य शुभारंभ हुआ। इस वर्ष सम्मेलन का मुख्य विषय "Bridging Divides – Educating for Peace and Harmony" (विभाजन को मिटाना – शांति एवं सद्भाव की शिक्षा) रखा गया है।
सम्मेलन का उद्देश्य उत्तर भारत के सदस्य विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, समन्वयकों, शिक्षकों एवं छात्रों के बीच वैश्विक नागरिकता, अंतर-सांस्कृतिक समझ, आपसी सम्मान तथा शांति के मूल्यों को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से आए प्रतिनिधियों को संवाद, अनुभवों के आदान-प्रदान और सहयोग का साझा मंच उपलब्ध कराया जा रहा है।
सम्मेलन के प्रथम दिवस देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिष्ठित विद्यालयों के प्रतिनिधियों, प्रधानाचार्यों, समन्वयकों, शिक्षकों एवं छात्रों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। कैंपस भ्रमण के उपरांत विद्यालय के सभागार में संस्थापक द्वय डॉ. अमृतलाल इशरत एवं दीश इशरत की छायाप्रति पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
दीप प्रज्ज्वलन में विशिष्ट अतिथि आत्मारामन सेखर (सीईओ, इंद्रपुरम ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स), डैलिम्स सनबीम स्कूल के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप 'बाबा' मधोक, निदेशिका पूजा मधोक, अतिरिक्त निदेशक माहिर मधोक, डीन ऑफ एकेडमिक्स सुभोदीप डे तथा प्रधानाचार्या गुरमीत कौर उपस्थित रहे।
इसके बाद विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने सिंफनी बैंड एवं स्वागत गीत के माध्यम से सभी अतिथियों का अभिनंदन किया। अतिरिक्त निदेशक माहिर मधोक ने विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए शिक्षा के माध्यम से शांति, सद्भाव और वैश्विक भाईचारे के संदेश को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि आत्मारामन सेखर तथा कथक के सुप्रसिद्ध नर्तक मास्टर रुद्र शंकर मिश्रा एवं संगतकार उदय शंकर मिश्रा का पुष्पगुच्छ, उत्तरीय एवं स्मृति-चिह्न देकर सम्मान किया गया। कथक एवं तबला की जुगलबंदी ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
अपने प्रेरक संबोधन में आत्मारामन सेखर ने समय प्रबंधन, कठिन परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता तथा वैश्विक चुनौतियों के बीच स्वयं को सकारात्मक रूप से ढालने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं, बल्कि वैश्विक नागरिकता, नेतृत्व क्षमता और मानवीय मूल्यों के विकास का भी सशक्त आधार है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विद्यालय के नन्हे विद्यार्थियों ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। वहीं शांति, सद्भाव और वैश्विक नागरिकता पर आधारित मूक अभिनय प्रस्तुत कर 'वसुधैव कुटुम्बकम्' का संदेश दिया गया।
सम्मेलन में विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों को आपसी परिचय, टीम निर्माण, विचार-विमर्श तथा अनुभवों, परंपराओं और दृष्टिकोणों के आदान-प्रदान का अवसर मिला। प्रतिभागियों ने मेजबान विद्यालय के उत्कृष्ट एवं आत्मीय आतिथ्य की सराहना की।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्या गुरमीत कौर ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए 25 जुलाई को आयोजित होने वाले दूसरे दिन के कार्यक्रमों की जानकारी दी।
इस अवसर पर वाराणसी सहित विभिन्न राज्यों के 50 विद्यालयों के पदाधिकारी, प्रधानाचार्य, कोऑर्डिनेटर्स तथा लगभग 100 छात्र-प्रतिभागी उपस्थित रहे।
डैलिम्स सनबीम स्कूल में AFS इंडिया नॉर्थ ज़ोन रीजनल कॉन्फ्रेंस-2026 का भव्य शुभारंभ
वाराणसी के डैलिम्स सनबीम स्कूल, रोहनिया में AFS इंडिया नॉर्थ ज़ोन रीजनल कॉन्फ्रेंस-2026 का शुभारंभ हुआ। सम्मेलन में 50 विद्यालयों के प्रतिनिधियों ने शांति, वैश्विक नागरिकता, अंतर-सांस्कृतिक समझ और शिक्षा के माध्यम से सद्भाव बढ़ाने पर विचार साझा किए।
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