विशेषज्ञों ने पेल्विक फ्लोर विकारों, मूत्र असंयम एवं आधुनिक पुनर्वास तकनीकों पर साझा किए महत्वपूर्ण चिकित्सकीय अनुभव
एपेक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, वाराणसी के चेयरमैन प्रो. डॉ. एस.के. सिंह की संरक्षता में एपेक्स कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी एवं एपेक्स हॉस्पिटल डिपार्टमेंट ऑफ ऑक्यूपेशनल थेरेपी के संयुक्त तत्वावधान में पेल्विक फ्लोर रिहैबिलिटेशन विषय पर एमपीटी एवं बीपीटी छात्रों, पेशेंट परिचारिकों एवं स्टाफ के लिए पेल्विक फ्लोर संबंधी मूत्र असंयम आदि समस्याओं की समय पर पहचान, आधुनिक उपचार एवं पुनर्वास के प्रति स्वास्थ्य पेशेवरों में व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक समझ को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से वैज्ञानिक सत्र का आयोजन किया गया। फिजियोथेरेपी कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. डॉ. पुनीत जायसवाल द्वारा उद्घाटन सत्र का संचालन करते हुए वैज्ञानिक सत्र में दिल्ली से आमंत्रित मुख्य वक्ता डॉ. इंदु कश्यप, पेल्विक फ्लोर फिजियोथेरेपिस्ट एवं एर्गोनॉमिस्ट एवं एपेक्स की ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट डॉ. सौम्याश्री ने पेल्विक फ्लोर की संरचना एवं कार्यप्रणाली, इससे संबंधित विभिन्न समस्याओं तथा साक्ष्य-आधारित पेल्विक फ्लोर पुनर्वास तकनीकों एवं प्रबंधन पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने आधुनिक पुनर्वास पद्धतियों के माध्यम से मरीजों के बेहतर उपचार परिणाम एवं जीवन की गुणवत्ता में सुधार पर विशेष जोर दिया। एपेक्स के यूरोलॉजिस्ट एवं किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. पुनीत कुमार के.एम. ने श्रोणि की संरचना के अनुसार मूत्र असंयम के उपचार में इसके चिकित्सकीय उपयोग पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
सत्र में चिकित्सकों, फिजियोथेरेपिस्ट, ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट एवं विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए विशेषज्ञों से संवाद किया। कार्यक्रम का समापन एपेक्स कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी के वाइस प्रिंसिपल प्रो. डॉ. सौरभ आनंद द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।