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काशी में इलेक्ट्रिक नौकाओं के युग की शुरुआत: गंगा में उतरीं पहली 5 ई-बोट, नाविकों की लागत होगी 80% तक कम



 24/Jul/26

वाराणसी विकास प्राधिकरण और गेल (इंडिया) लिमिटेड की संयुक्त पहल, नमो घाट पर महापौर अशोक कुमार तिवारी ने किया लोकार्पण

गंगा नदी में स्वच्छ, हरित और आधुनिक जल परिवहन की दिशा में वाराणसी ने एक नया इतिहास रच दिया है। वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) और गेल (इंडिया) लिमिटेड के सहयोग से "इलेक्ट्रिक बोट कन्वर्जन पायलट परियोजना" के तहत काशी की गंगा में पहली बार इलेक्ट्रिक यात्री नौकाओं का संचालन शुरू हो गया। गुरुवार, 23 जुलाई 2026 को नमो घाट पर आयोजित कार्यक्रम में महापौर अशोक कुमार तिवारी ने पहली पांच इलेक्ट्रिक नौकाओं का लोकार्पण किया।

यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्वच्छ, हरित और सतत विकास के विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

नाविकों को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान अपनी पारंपरिक नौकाओं को इलेक्ट्रिक नौकाओं में परिवर्तित कराने वाले दीपक साहनी, राकेश साहनी, ज्योतीलाल निषाद, दीपक कुमार साहनी और शुभम साहनी को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। नाविकों ने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे उनकी आय बढ़ेगी और गंगा की स्वच्छता को भी बढ़ावा मिलेगा।

पहले चरण में 20 नौकाएं होंगी इलेक्ट्रिक

वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने बताया कि पहले चरण में कुल 20 यात्री नौकाओं को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक प्रणाली में बदला जा रहा है। इनमें से पहली पांच नौकाएं आज नाविकों को सौंप दी गई हैं। उन्होंने कहा कि पायलट परियोजना सफल होने पर इसे बड़े स्तर पर लागू किया जाएगा, जिससे वाराणसी देश के अन्य नदी शहरों के लिए एक मॉडल बनेगा।

संचालन लागत में होगी 80 प्रतिशत तक कमी

महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि इलेक्ट्रिक नौकाओं के संचालन से वायु, ध्वनि और जल प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आएगी। साथ ही कार्बन उत्सर्जन भी घटेगा। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक तकनीक अपनाने से नाविकों की संचालन लागत में लगभग 80 प्रतिशत तक


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